राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को एक जगह मिल रहीं सोयाबीन-धान की नई किस्में, KVK सिवनी में क्रॉप कैफेटेरिया बना आकर्षण

23 अगस्त 2026, भोपालकिसानों को एक जगह मिल रहीं सोयाबीन-धान की नई किस्में, KVK सिवनी में क्रॉप कैफेटेरिया बना आकर्षण – किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी द्वारा किसानों को जलवायु अनुकूल खेती, फसल विविधीकरण और नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए क्रॉप कैफेटेरिया एवं फसल संग्रहालय के माध्यम से विभिन्न फसलों की नई किस्मों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। यहां किसान खेत में फसलों की स्थिति देखकर उनकी विशेषताओं और उत्पादन क्षमता को समझ सकते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शेखर सिंह बघेल के मार्गदर्शन में स्थापित इन प्रदर्शन प्लॉटों के जरिए किसानों को वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की प्रत्यक्ष जानकारी दी जा रही है। किसानों को बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय क्षेत्र के लिए उपयुक्त फसलों और किस्मों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सोयाबीन की कई किस्मों का प्रदर्शन

वर्तमान खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए क्रॉप कैफेटेरिया में प्रमुख फसलों की नवीनतम किस्मों के प्रदर्शन प्लॉट लगाए गए हैं। यहां सोयाबीन की लगभग पांच किस्मों और धान की 35 से अधिक किस्मों का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा अरहर के साथ श्रीअन्न के अंतर्गत कोदो, कुटकी, रागी और ज्वार जैसी फसलों के प्रदर्शन प्लॉट भी लगाए गए हैं।

किसानों को इन फसलों की विशेषताओं, वैज्ञानिक खेती की विधि और संभावित उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपनी कृषि परिस्थितियों के अनुसार सही फसल और किस्म का चयन कर सकें।

NRC करुण से JS 2172 तक सोयाबीन की किस्में

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. निखिल सिंह द्वारा किसानों को सोयाबीन की विभिन्न नवीनतम किस्मों की जानकारी दी जा रही है। प्रदर्शन में NRC करुण, NRC 157, JS 22-16, JS 20-98, JS 2172 और JS 20-116 सहित अन्य किस्मों को शामिल किया गया है। किसानों को इन किस्मों की विशेषताओं, फसल प्रबंधन, उत्पादन क्षमता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त किस्म के चयन के संबंध में वैज्ञानिक सलाह दी जा रही है।

खेत में देखकर किस्मों का अंतर समझ रहे किसान

क्रॉप कैफेटेरिया और फसल संग्रहालय का उद्देश्य किसानों को केवल पुस्तकीय या मौखिक जानकारी देने तक सीमित नहीं रखना है। किसान यहां विभिन्न किस्मों की वृद्धि, पौधों की संरचना, फसल की स्थिति और दूसरी विशेषताओं को प्रत्यक्ष देखकर उनके बीच अंतर समझ सकते हैं। इससे किसानों को आगामी खरीफ और अन्य मौसमों में अपनी कृषि परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त फसल एवं किस्म चुनने में मदद मिलेगी।

पोषण वाटिका भी तैयार

कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में पोषण वाटिका भी विकसित की गई है। इसमें विभिन्न सब्जी वर्गीय फसलों के प्रदर्शन प्लॉट लगाए गए हैं। किसानों को घर और खेत स्तर पर पोषण वाटिका विकसित करने, अलग-अलग सब्जियों का उत्पादन करने और स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की जानकारी दी जा रही है।

किसानों ने किया प्रदर्शन प्लॉटों का अवलोकन

इसी क्रम में प्रगतिशील किसान एवं भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष प्रदीप राय और विकासखंड लखनादौन के युवा किसान ने कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में स्थापित फसल संग्रहालय एवं विभिन्न प्रदर्शन प्लॉटों का अवलोकन किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से अलग-अलग फसलों और नवीनतम किस्मों की जानकारी ली तथा वैज्ञानिक और जलवायु अनुकूल खेती के लिए तकनीकी सलाह प्राप्त की।

कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी ने किसानों से अपील की है कि वे कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों के संपर्क में रहकर नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी लें। साथ ही अपनी कृषि परिस्थितियों के अनुसार फसल विविधीकरण और उन्नत किस्मों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।

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