राज्य कृषि समाचार (State News)

नई तकनीकों से रूबरू हो रहे हैं किसान, बढ़ रही है कृषि नवाचारों के प्रति जागरूकता

02 जून 2025, भोपाल: नई तकनीकों से रूबरू हो रहे हैं किसान, बढ़ रही है कृषि नवाचारों के प्रति जागरूकता – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा संचालित ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के चौथे दिन भी बिहार एवं झारखंड में यह अभियान पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी रहा। यह अभियान किसानों के लिए न केवल जानकारी का स्रोत बना है, बल्कि वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरक मंच भी सिद्ध हो रहा है। किसान अब अपनी पारंपरिक खेती में वैज्ञानिक उपायों को शामिल कर रहे हैं ।

आज बिहार और झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक रूप से एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों की टीमों ने किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया और उन्हें खेत की मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार उर्वरक प्रबंधन, जैविक खेती की तकनीकें, वर्षा आधारित कृषि के प्रभावी उपाय तथा कृषि यंत्रों के दक्षतापूर्वक उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
इस चौथे दिन के अभियान में किसानों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता दर्ज की।

किसानों को विशेष रूप से कृषि यंत्रीकरण से उत्पादन लागत में कमी के उपाय, कृषक उत्पादक संगठन, मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर पोषक तत्वों का संतुलित प्रयोग के माध्यम से सामूहिक विपणन और मूल्य संवर्धन क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया गया I

किसानों ने वार्ता के दौरान बताया कि फसल की कटाई के बाद विभिन्न कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है, किंतु इन मशीनों की लागत बहुत अधिक होने के कारण उन्हें कठिनाई होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से इन मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी किसान इनका लाभ उठा सकें।

Advertisement
Advertisement

इसके अतिरिक्त किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, एवं परंपरागत कृषि विकास योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। 

Advertisement
Advertisement

आयोजित हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग अटारी, पटना एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा की जा रही है I

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement