गेहूं छोड़ शुरू की भिंडी की खेती, किसान की आय 16 हजार से बढ़कर 59 हजार रुपये पहुंची
22 जुलाई 2026, भोपाल: गेहूं छोड़ शुरू की भिंडी की खेती, किसान की आय 16 हजार से बढ़कर 59 हजार रुपये पहुंची – मध्य प्रदेश में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। झाबुआ जिले के रामा विकासखंड के ग्राम आम्बा निवासी किसान प्रेमसिंह मनगी बारिया ने इस योजना का लाभ लेकर पारंपरिक गेहूं की खेती की जगह संकर भिंडी की खेती शुरू की। आधुनिक तकनीक और संकर बीजों के उपयोग से उनकी शुद्ध आय 16 हजार रुपये से बढ़कर 59 हजार रुपये हो गई।
MIDH योजना के तहत मिला अनुदान
प्रेमसिंह बारिया को MIDH योजना के तहत 0.25 हेक्टेयर क्षेत्र में संकर सब्जी उत्पादन के लिए 6,000 रुपये का अनुदान दिया गया। योजना का लाभ मिलने से पहले वे गेहूं की खेती करते थे, जिसमें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन होता था। इस फसल में करीब 7 हजार रुपये की लागत आती थी और कुल 23 हजार रुपये की आय होती थी। इससे उन्हें लगभग 16 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिलता था।
संकर भिंडी की खेती से बढ़ी कमाई
उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और संकर बीजों की मदद से किसान ने भिंडी की खेती शुरू की। इसका परिणाम यह रहा कि उन्हें 25 क्विंटल भिंडी का उत्पादन प्राप्त हुआ। इस फसल में 16 हजार रुपये की लागत आई, जबकि 75 हजार रुपये की कुल आय हुई। सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें 59 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिला, जो पहले की तुलना में कई गुना अधिक है।
अन्य किसानों से भी की अपील
प्रेमसिंह बारिया ने बताया कि योजना के तहत मिली सहायता और आधुनिक खेती की तकनीकों ने उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने अन्य किसानों से भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने इस योजना के लिए मध्य प्रदेश शासन और उद्यानिकी विभाग के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
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