मडावरा में कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

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4 मार्च 2022, इंदौर । मडावरा में कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न –भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल,(हरियाणा) और कृषि विज्ञान केंद्र उज्जैन के संयुक्त तत्वाधान में उज्जैन जिले के ग्राम मडावरा में आयोजित कार्यक्रम में कृषक जागरूकता एवं  प्रशिक्षण के माध्यम से ‘अधिक उत्पादन हेतु गेहूं की नवीनतम एवं पोषक तत्वों से भरपूर किस्मों के प्रसार ‘ पर चर्चा की गई। जिसमें करनाल संस्थान के निदेशक डॉ  जीपी सिंह और उनके सहयोगी डॉ ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ अमित शर्मा, डॉ  केएन मिश्रा, गेहूं अनुसंधान केंद्र  इंदौर के प्रभारी श्री केसी शर्मा और कृषि विज्ञान केंद्र उज्जैन के वैज्ञानिक शामिल हुए।

उक्त जानकारी देते हुए अजडावदा के उन्नत कृषक श्री योगेंद्र कौशिक ने बताया कि इस मौके पर डॉ जीपी सिंह ने कहा कि  2016 से शोध कार्यक्रम को पूर्ण सफल करने के लिए देश के कई राज्यों के किसानों को अपेक्षित बीज प्रदान करने की योजना आरंभ की है तब से  हमारे संस्थान से कोई किसान निराश होकर नहीं लौटा। गत वर्ष करनाल संस्थान से 5000 क्विंटल बीज किसानों को वितरण किया गया है। हमने किसानों की अपेक्षा, आवश्यकता पर चिंतन किया। यदि  हमारे पास किसानों को देने के लिए बीज कम है तो हम ब्रीडर सीड को भी टीएल के रेट में किसानों को उपलब्ध करा देते है। कोरोना काल में भी भारत ने 6 मिलियन टन गेहूं का निर्यात किया उसमें मालवा के किसानों का बहुत बड़ा योगदान रहा ।  2019  में करण वंदना डीबीडब्ल्यू 187 को उत्तर भारत के लिए रिलीज़ किया था । लेकिन हमें बाद में पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र  (मध्य प्रदेश) मध्य क्षेत्र में वितरण किया तो उत्पादन में एक नया आयाम स्थापित हुआ तो आईसीएआर के माध्यम से इस किस्म को पूर्वी और मध्य क्षेत्र के लिए अधिकृत करवाया।

श्री सिंह ने जानकारी दी कि एक सीड पोर्टल सितंबर माह में चालू होगा। इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपेक्षित किस्मों और मात्रा हमें भेज देंगे तो  हम उनको ऑन लाइन आर्डर पर  घर पहुंच सेवा देंगे , जिसका ऑनलाइन पेमेंट हो जाएगा । अभी जो हमारी नई किस्म डीबीडब्ल्यू 303- करण वैष्णवी नाम से रिलीज हुई है उसे आपके जिले में देखा है। हमारी 303 वैरायटी भी मध्यप्रदेश में धूम मचाएगी। हम कोशिश करेंगे कि भारत सरकार इसको मध्यप्रदेश के लिए अधिकृत कर दे। 5 साल पूर्व हमारे देश में 92 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन होता था। पिछले वर्ष हमने इसका उत्पादन 110 मिलियन टन के लगभग कर लिया है।इसमें  किसानों की मेहनत और मालवा क्षेत्र मध्य प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है । इस वर्ष 112 मिलियन टन प्राप्त करने का लक्ष्य है।

इस आयोजन में श्री केसी शर्मा ने इंदौर अनुसंधान  केंद्र की नई प्रजातियों के बारे में बताया । डॉ ज्ञानेंद्र सिंह ने अपने संस्थान  की सारगर्भित जानकारी दी।  डॉ अमित शर्मा ने किसानों को उन्नत तकनीक से बोनी से कटाई  तथा भंडारण की  कई सावधानियों  से अवगत कराया । डॉ  केएन मिश्रा ने किसानों को मार्केटिंग के गुर बताए। कृषक श्री योगेंद्र कौशिक सहित अन्य उन्नत कृषकों ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम पश्चात  करनाल के वैज्ञानिकों ने कृषक वाल्मिक कौशिक अजड़ावदा के खेत में करनाल की दोनों किस्में डीबीडब्ल्यू 187 और डीबीडब्ल्यू 303 का भी अवलोकन किया और श्रेष्ठ फसल देखकर खुश हुए। स्मरण रहे कि वर्ष 2020 में श्री वाल्मिक कौशिक द्वारा  डीबीडब्ल्यू 187 का उत्पादन 99 क्विंटल 20 किलो प्रति हेक्टर प्राप्त करने पर कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने इंदौर कृषि महाविद्यालय में  सम्मानित किया था।  संचालन डॉ दिवाकर सिंह तोमर ने किया और आभार कार्यक्रम के समन्वयक डॉ सुरेंद्र कौशिक उज्जैन ने माना।

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