राज्य कृषि समाचार (State News)

मूंग-उड़द खरीदी में किसानों को न हो परेशानी, सहकारी बैंकिंग को मिले नई गति

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर दिए मिशन मोड में क्रियान्वयन के निर्देश

01 अगस्त 2026, भोपाल: मूंग-उड़द खरीदी में किसानों को न हो परेशानी, सहकारी बैंकिंग को मिले नई गति – सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में मूंग एवं उड़द खरीदी, सहकारी बैंकिंग व्यवस्था, मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना तथा ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए और किसानों तथा सहकारी संस्थाओं को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित कराया जाए।

बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मूंग एवं उड़द खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होना चाहिए। खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा पूरी प्रक्रिया को सुचारु और व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से उड़द खरीदी के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों की उपज की खरीदी में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

गोदामों की कमी नहीं बनेगी खरीदी में बाधा

मंत्री श्री सारंग ने खरीदी के बाद उपज के सुरक्षित भंडारण को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में गोदामों की कमी है अथवा उपलब्ध गोदाम अपनी पूर्ण क्षमता तक भर चुके हैं, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर अंतर-जिला गोदामों का उपयोग कर उपज का भंडारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसानों की उपज का समय पर उठाव हो सके और खरीदी व्यवस्था प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि खरीदी से लेकर भंडारण और उपज के परिवहन तक पूरी व्यवस्था में बेहतर समन्वय रखा जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी नहीं होना चाहिए।

दुग्ध समितियों में लगाए जाएंगे माइक्रो एटीएम

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से मंत्री श्री सारंग ने दुग्ध सहकारी समितियों में चरणबद्ध रूप से माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए समितियों का लक्ष्य निर्धारित कर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने सभी सहकारी बैंकों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने, जमा राशि पर आकर्षक ब्याज दरों से संबंधित योजना तैयार करने तथा सहकारी समितियों के बैंक खाते सहकारी बैंकों में संचालित कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही समिति सदस्यों को सहकारी बैंकिंग के माध्यम से अधिक से अधिक वित्तीय लेन-देन करने के लिए प्रेरित करने को कहा।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्रदेश के समग्र विकास का मजबूत आधार है। सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से सभी योजनाओं के पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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