इंजीनियर और कृषि वैज्ञानिक मिलकर लिखेंगे अनुसंधान की नई इबारत

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

जनेकृविवि और जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज के मध्य एमओयू

8 अप्रैल 2021, जबलपुर। इंजीनियर और कृषि वैज्ञानिक मिलकर लिखेंगे अनुसंधान की नई इबारत – इंजीनियर और कृषि वैज्ञानिक मिलकर राष्ट्र और जनहित में अनुसंधान की नई इबारत लिखेंगे। जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय और शास. जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज के मध्य कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन की अध्यक्षता में एमओयू हस्ताक्षरित हुआ। जनेकृविवि के संचालक शिक्षण डॉ. अभिषेक शुक्ला एवं शास. इंजी. कालेज के प्राचार्य डॉ. अरविन्द कुमार शर्मा ने हस्ताक्षरित प्रतियों का परस्पर आदान-प्रदान किया।

इस मौके पर कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने कहा कि आज की उन्नत खेती रोबोट से होती हुई ड्रोन तक जा पहुंची है। भविष्य में इंजीनियरिंग का समावेश खेती को और भी समुन्नत और समृद्ध करेगा। खेती में एक कुशल इंजीनियर और माटी के स्वास्थ्य के जानकार चिकित्सकों की मांग बढ़ जायेगी। डॉ. बिसेन ने आगे कहा कि दोनों संस्थानों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है जहॉं जनेकृविवि एक समय एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय था वहीं जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज मध्य भारत का सबसे सशक्त इंजीनियरिंग कालेज है। प्राचार्य डॉ. अरविन्द कुमार शर्मा ने कहा कि आने वाले 5-6 वर्षो में प्रदूषण की समस्या बहुत बढ़ जायेगी। इसका निदान हमें मिलजुल कर करना होगा।

इस दौरान अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. पी.के. मिश्रा, संचालक विस्तार सेवायें डॉ. (श्रीमती) ओम गुप्ता, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. दीप पहलवान, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. मनोज अवस्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल कुमार राय संचालक उपकरण एवं आभार प्रदर्शन अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉ. आर.के. नेमा ने किया।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।