राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि अधो संरचना विकास की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

01 जुलाई 2023, झाबुआ: कृषि अधो संरचना विकास की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न – कलेक्टर सुश्री तन्वी हुड्डा की अध्यक्षता में गत दिनों कार्यालय कलेक्टर कक्ष में कृषि अधो संरचना विकास (ए.आई.एफ.) की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं कृषि से संबंद्ध विभागों- पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य सहकारिता, उद्योग, म.प्र. अजिविका परियोजना, नाबार्ड आदि विभागो में संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में शासन द्वारा संचालित कृषि अधोसंरचना विकास निधि योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न घटकों में जिले में किसानों के यहाँ स्मार्ट खेती के तहत अधिक से अधिक ग्रीन हाउस/शेड नेट की स्थापना एवं नवीन उन्नत तकनीक के माध्यम से खेती कराने और साथ ही एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फण्ड अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग यूनिट /कोल्ड स्टोर, कस्टम हायरिंग केन्द्र, वेयर हाउस आदि के प्रकरण तैयार करने पर ज़ोर दिया गया।

कलेक्टर सुश्री हुड्डा द्वारा जिला परियोजना प्रबंधक, ग्रामीण आजीविका परियोजना को निर्देशित किया कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक खेती/प्राकृतिक खेती में रूचि रखने वाली महिलाओं एवं स्वयं का बीज तैयार कर बीज बैंक बनाने वाले किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र से समन्वय स्थापित कर कृषि विज्ञान केन्द्र में प्रशिक्षण दिलाया जावे। साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के यहाँ अधिक से अधिक संख्या में वर्मीकम्पोस्ट इकाई स्थापना कराना सुनिश्चित करें। कृषि आभियांत्रिकी विभाग को अद्यतन स्थिति में कितने कस्टम हायरिंग केन्द्र कार्यरत हैं तथा अकार्यरत की सूची तैयार कर अवगत कराने के निर्देश दिये गए। कृषि आभियांत्रिकी विभाग को अद्यतन स्थिति में कितने कस्टम हायरिंग केन्द्र कार्यरत तथा अकार्यरत की सूची तैयार कर अवगत कराने के निर्देश दिये गए। आजीविका परियोजना के माध्यम से महिला किसानों के समूहो के यहाँ अमरूद के पौधे रोपण हेतु सदस्यों का चयन गड्डो की खुदाई एवं तत्काल पौधों की उपलब्धता और उन्हीं किसानों के यहाँ पर अदरक, हल्दी, मैथी आदि फसलों की खेती कराकर उनके उत्पाद को प्रसंस्करण कर विक्रय करने के निर्देश दिये।

सुश्री हुड्डा द्वारा पशुपालन विभाग को जिले में दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान पर जोर दिया जाकर 80 प्रतिशत पशुओं का लक्ष्य निर्धारण किया । एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित कड़क नाथ मुर्गे को बढ़ावा देने हेतु कड़कनाथ का मार्केट विकसित करने को कहा गया। हितग्राहियों को आइडेंटिफाई कर एक प्रोड्यूसर ग्रुप भी बनाने को भी कहा गया। पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने को कहा एवं खाद एवं बीज उचित मूल्य पर ही बेचने के निर्देश दिए। फील्ड निरीक्षण ,किसानों में जागरूकता बढ़ाने ,नींबू और एलोवेरा की खेती को बड़े स्तर पर कराने, आजीविका वाले प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन मार्केटिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि एवं कृषि से संबंद्ध विभागों- पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य सहकारिता, उद्योग, म.प्र. अजिविका परियोजना, नाबार्ड आदि विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement