धार: केन्द्रीय मंत्री और कलेक्टर ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
19 मई 2026, धार: धार: केन्द्रीय मंत्री और कलेक्टर ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना – केन्द्रीय मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने खरीफ सीजन पूर्व हरी झंडी दिखाकर कृषि रथ को रवाना किया। यह रथ जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में 10 दिनों तक ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करेगा और धार जिले के 13 विकासखण्डों की 510 ग्राम पंचायतों में पहुंचेगा कृषि रथ, प्रतिदिन 3 से 4 गांवों का भ्रमण करेगा। इससे किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और उन्नत तकनीकों का प्रचार – प्रसार किया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रशासन और कृषि एवं कल्याण विकास विभाग उप संचालक श्री ज्ञान सिंह मोहनिया सहित विभाग के स्टाफ मौजूद रहा।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत यह रथ जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में पूर्व निर्धारित रूट चार्ट (ग्राम पंचायत और तिथि) के अनुसार भ्रमण करेगा। इसी प्रकार प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय से भी जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रथों को रवाना किया गया है। जिले के सभी 13 विकासखण्डों के लिए 13 कृषि रथ तैयार किए गए हैं, जो निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार जिले की सभी 510 ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। यह रथ प्रतिदिन 03 से 04 ग्राम पंचायतों में पहुंचकर कृषकों को जागरूक करेंगे।
किसानों को सीधे वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने की पहल – इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों (कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन व सहकारिता) की गतिविधियों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाना है। यात्रा के दौरान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नवीन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि नवीन व उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों, नवाचारों और कृषि के मुख्य आधार स्तंभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जा सके।
कृषि रथ के मुख्य आधार स्तंभ और गतिविधियां – कृषि रथ के माध्यम से भ्रमण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर सघन प्रचार-प्रसार किया जाएगा: ई-विकास प्रणाली:धरती माता बचाओ अभियान’ के अंतर्गत प्रत्येक किसान के लिए समय पर और पारदर्शी उर्वरक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु ई-विकास प्रणाली के माध्यम से नवीन उर्वरक वितरण व्यवस्था (ई-टोकन) का प्रचार किया जाएगा। इसके तहत मैदानी स्तर पर व्यापक स्तर पर कार्य कर शेष सभी किसानों को ‘एग्रीस्टेक’ (AgriStack) पोर्टल पर ऑनबोर्ड/जोड़ा जाएगा, जिससे उनके धारित रकबे के अनुसार खाद की उपलब्धता सुगम हो सके। प्राकृतिक एवं जैविक खेती: रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को रोकने और जमीन की उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मृदा एवं फसल प्रबंधन: एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन और पराली (फसल अवशेष) का उचित निपटान के साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) योजना का प्रचार-प्रसार कर किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही पोषक तत्व प्रबंधन की सलाह दी जा रही है ,ताकि अनावश्यक खर्च से बचा जा सके। कृषि का आधुनिकीकरण: खरीफ सीजन से पूर्व कृषि अभियांत्रिकी द्वारा खेतों का समतलीकरण और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना। लाभकारी कृषि:कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय और विभिन्न विभागीय कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना।
कलेक्टर श्री मीना द्वारा जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और मैदानी अमले को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे नियत तिथि, स्थान और समय पर उपस्थित रहकर दल प्रभारी से समन्वय स्थापित करें और कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, प्रत्येक दिन की गतिविधियों और प्रगति की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उप संचालक, कृषि (धार) को प्रेषित करें ।
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