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राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन की कटाई में देरी पड़ सकती है भारी, फलियां चटकने से पहले करें ये काम

09 अक्टूबर 2026, भोपाल: सोयाबीन की कटाई में देरी पड़ सकती है भारी, फलियां चटकने से पहले करें ये काम – सोयाबीन की फसल पकने के समय लगातार बारिश होने से उपज और बीज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की सही समय पर कटाई करें, ताकि फलियों के चटकने और उनमें बीज के अंकुरित होने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI) इंदौर, की 5 से 11 अक्टूबर 2026 की साप्ताहिक सलाह में कटाई, गहाई और सोयाबीन के सुरक्षित भंडारण को लेकर जरूरी सुझाव दिए गए हैं।

90% फलियां पीली होने पर करें कटाई

साप्ताहिक सलाह के अनुसार, सोयाबीन की लगभग 90 प्रतिशत फलियों का रंग पीला पड़ने पर फसल की कटाई की जा सकती है। फसल की शारीरिक परिपक्वता के समय कटाई करने से फलियों के चटकने से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलती है। इससे फलियों के अंकुरित होने के कारण बीज की गुणवत्ता में आने वाली कमी से भी बचा जा सकता है।

धूप में सुखाने के बाद करें गहाई

सोयाबीन की कटी हुई फसल को धूप में सुखाने के बाद ही गहाई करनी चाहिए। यदि तुरंत गहाई करना संभव नहीं है, तो कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और बारिश से बचाएं।

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बीज के लिए गहाई करते समय रखें ध्यान

यदि सोयाबीन का उपयोग अगले सीजन में बीज के रूप में करना है, तो गहाई के समय थ्रेशर की गति 350 से 400 RPM रखें। इससे बीज के अंकुरण की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से बचाने में मदद मिलेगी।

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भंडारण में इन बातों का रखें ध्यान

सोयाबीन के सुरक्षित भंडारण के लिए स्थान ठंडा, हवादार और कीट व नमी से मुक्त होना चाहिए। संभव हो तो बोरियों को लकड़ी के प्लेटफार्म पर सीधा रखें। बोरियों का ढेर लगाते समय ऊंचाई 5 फीट से अधिक न रखें और लगभग 4-5 बोरियों तक ही ढेर लगाएं।

भंडारण के दौरान बोरियों को सावधानी से प्लेटफॉर्म पर रखें और ऊंचाई से न पटकें। साथ ही, उन्हें दीवार और फर्श के सीधे संपर्क में रखने से बचाएं, क्योंकि नमी के कारण बीज में फफूंद और रोगों के संक्रमण का खतरा हो सकता है।

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