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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश के कपास किसानों को 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मिलेंगे

कपास उत्पादकता मिशन से बढ़ेगी पैदावार, गुणवत्ता और आमदनी

18 जुलाई 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश के कपास किसानों को 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मिलेंगे – केंद्र सरकार ने देश के कपास क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 5,659.22 करोड़ रुपये के कपास उत्पादकता मिशन को मंजूरी दी है। यह मिशन प्रधानमंत्री के ‘5-एफ विजनÓ (फार्म टू फाइबर टू फैक्टरी टू फैशन टू फॉरेन) के अनुरूप लागू किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ मध्य प्रदेश सहित कपास उत्पादक राज्यों के किसानों को मिलेगा। इस मिशन के तहत मध्य प्रदेश के लिए इस वर्ष 2026-27 में 39 करोड़ 51 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं इस राशि से प्रदेश के कपास उत्पादक 9  जिलों के 40,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा. जानकारी के मुताबिक प्रदेश के लिए इस वर्ष मंजूर की गई राशि में 23.70 करोड़ केंद्रांश एवं 15.80 करोड़ राज्यांश होगा.

किसानों को क्या मिलेगा

मिशन के तहत किसानों को अधिक उपज देने वाले, जलवायु अनुकूल और कीट-प्रतिरोधी बीज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा । साथ ही उच्च घनत्व रोपण प्रणाली (एचडीपीएस), कम अंतराल पर रोपण, एकीकृत कपास प्रबंधन जैसी आधुनिक खेती की तकनीकों का  विस्तार किया जाएगा, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। इसके लिए प्रदेश के चयनित किसानों को प्रदर्शन की विभिन्न तकनीकों के लिए 7500 से 18500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक तथा आईपीएम एवं आईएनएम् के लिए 2500 रुपए प्रति हेक्टेयर तक की सहायता दी जाएगी. साथ ही किसानों को नई तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

प्रदेश के 9 जिलों में मिशन लागू

यह मिशन प्रदेश के कपास उत्पादक 9 जिलों खरगोन, धार, बड़वानी, खंडवा ,अलीराजपुर, पांढुर्णा, झाबुआ, रतलाम एवं बुरहानपुर में लागू किया जा रहा है, जिसमें कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई तकनीकों की जानकारी, आधुनिक खेती के तरीके और फसल प्रबंधन पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे ताकि किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।

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कपास उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास

देश में यह मिशन कृषि  तथा वस्त्र मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है । प्रारंभिक चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों में आधुनिक तकनीकों का विस्तार किया जाएगा और लगभग 2,000 जिनिंग एवं प्रसंस्करण इकाइयों को विकसित करने की योजना है।सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक देश में कपास की उत्पादकता को 440 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 755 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करना तथा कुल उत्पादन को 498 लाख गांठ तक पहुंचाना है। इस मिशन से देशभर के लगभग 32 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों के लिए यह योजना बेहतर उत्पादन, उच्च गुणवत्ता, उचित मूल्य और बढ़ी हुई आय का नया अवसर लेकर आयी है .

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