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राज्य कृषि समाचार (State News)

जल संसाधन के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि

25 मार्च 2025, भोपाल: जल संसाधन के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि –  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नवीन सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और जल संसाधन के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। हर खेत तक पानी पहुंचाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना को जल संसाधनों के कुशल उपयोग, जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सीबीआईपी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरीगेशन एंड पावर) अवॉर्ड्स- 2024 में ‘सर्वश्रेष्ठ समन्वित जल संसाधन प्रबंधन’ (बेस्ट आईडब्लूआरएम) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके लिए विभागीय अमला तथा क्षेत्र के किसान बधाई के पात्र हैं।

पुरस्कार नई दिल्ली में सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरीगेशन एंड पावर के ज्यूरी सदस्य  ए.के. दिनकर,  घनश्याम प्रसाद एवं डॉ. एम.के. सिन्हा द्वारा गत दिवस दिया गया है। इसे मुख्य अभियंता एवं परियोजना निदेशक  जीपी सिलावट, अधीक्षण यंत्री एवं परियोजना प्रशासक  विकास राजोरिया, परियोजना निदेशक  शुभंकर बिस्वास ने प्राप्त किया।

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश की अभिनव जल प्रबंधन प्रणाली और सतत कृषि विकास में योगदान को मान्यता प्रदान करता है। यह सम्मान राज्य सरकार की दूरदर्शी जल प्रबंधन नीतियों और कुशल कार्यान्वयन का परिणाम है। पुरस्कार जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के विस्तार को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना की सबसे बड़ी खासियत ‘रिजर्वायर से सीधे खेत तक’ (रिजर्वायर टू फॉर्म) पानी पहुंचाने की नवीनतम तकनीक है। इस तकनीक में पारंपरिक नहरों के बजाय प्रेशराइज्ड पाइप लाइन नेटवर्क का उपयोग किया जाता है, जिससे पानी बिना किसी रिसाव और वाष्पीकरण के सीधे खेतों तक पहुँचता है। पाइप लाइन आधारित सिंचाई प्रणाली से जलाशय से निकलने वाला पानी बिना खुली नहरों के सीधे किसानों तक पाइपों के माध्यम से पहुंचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय न के बराबर होता है।

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