राज्य कृषि समाचार (State News)

मिर्च-टमाटर की खेती ने किसान को बनाया लखपति! सिर्फ 1.20 हेक्टेयर में कमाए 3.40 लाख रुपए, जानिए सफलता का राज

20 जून 2026, भोपाल: मिर्च-टमाटर की खेती ने किसान को बनाया लखपति! सिर्फ 1.20 हेक्टेयर में कमाए 3.40 लाख रुपए, जानिए सफलता का राज – आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में कितना प्रभावी साबित हो सकता है, इसका उदाहरण विदिशा जिले के प्रगतिशील किसान भगवानसिंह ने पेश किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ लेकर उन्होंने ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया और मात्र 1.20 हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च एवं टमाटर की खेती कर करीब 3.40 लाख रुपये की आय अर्जित की। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

सरकारी योजना से मिली नई राह

जल संरक्षण, बेहतर उत्पादन और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से किसान भगवानसिंह ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। विभाग द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जानकारी दी गई और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। चयन होने के बाद उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करने के लिए 1 लाख 50 हजार 485 रुपये की लागत पर 82 हजार 766 रुपये का अनुदान मिला।

अनुदान मिलने के बाद उन्होंने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की और मिर्च व टमाटर की खेती आधुनिक तकनीकों के साथ शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने मल्चिंग तकनीक का भी उपयोग किया, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से मिला फायदा

ड्रिप सिंचाई प्रणाली के जरिए फसलों को आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित मात्रा में पानी मिलने लगा। इससे पानी की बचत हुई और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हो गया। वहीं, मल्चिंग तकनीक के उपयोग से खेत में खरपतवारों की वृद्धि नियंत्रित रही, जिससे निराई-गुड़ाई पर लगने वाला श्रम और खर्च कम हुआ।

इसके अलावा कीट एवं रोग प्रबंधन भी अधिक प्रभावी हो गया, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार देखने को मिला।

मिर्च और टमाटर से हुई लाखों की कमाई

आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाते हुए भगवानसिंह ने अपने खेत से लगभग 80 क्विंटल मिर्च और 120 क्विंटल टमाटर का उत्पादन प्राप्त किया। मिर्च का औसत विक्रय मूल्य 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल और टमाटर का औसत विक्रय मूल्य 1,500 रुपये प्रति क्विंटल मिला।

इस प्रकार मिर्च की फसल से उन्हें लगभग 1.60 लाख रुपये और टमाटर की फसल से करीब 1.80 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। दोनों फसलों से उन्हें कुल मिलाकर लगभग 3.40 लाख रुपये की सकल आय हुई।

दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से भगवानसिंह की खेती की लागत घटी और उत्पादन बढ़ा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के कई किसान भी आधुनिक कृषि तकनीकों और शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

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