मुख्यमंत्री ने ‘अमृत सरोवर पोर्टल’ तथा ‘ ग्रीवेंसिज रिडे्रसल मैकेनिज्म पोर्टल’ को किया लांच

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एनसीआर से लगते जिलों में झील बनाने की संभावनाएं तलाशें अधिकारी: मुख्यमंत्री

3 जून 2022, चंडीगढ़ । मुख्यमंत्री ने ‘अमृत सरोवर पोर्टल’ तथा ‘ ग्रीवेंसिज रिडे्रसल मैकेनिज्म पोर्टल’ को किया लांच – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां ‘अमृत सरोवर पोर्टल’ तथा  ‘ग्रीवेंसिज रिडे्रसल मैकेनिज्म पोर्टल’ को लांच किया। इनमें ‘अमृत सरोवर पोर्टल’ पर प्रदेश में बनाए जा रहे तालाबों की अपडेटस लाइव होंगी। हरियाणा में 1650 तालाब तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, ‘ग्रीवेंसिज रिडे्रसल मैकेनिज्म पोर्टल’ पर तालाब की जमीन पर अतिक्रमण, कब्जा एवं दूसरी शिकायतें अपलोड की जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने उक्त दोनों पोर्टलों का उदघाटन करने के बाद प्रदेशभर के सभी जिला उपायुक्तों एवं मंडल आयुक्तों की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें मुख्यमंत्री ने अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, प्रोपर्टी आईडी, स्वत: वृद्घावस्था पेंशन बनाकर शुरू करने, आम्र्स लाईसेंस तथा भ्रष्टïाचार उन्मूलन के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, वित्तायुक्त श्री पी.के दास, सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह,गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव श्री डी.एस ढेसी, प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर,अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, उपप्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा पुलिस के डीजीपी श्री पी.के अग्रवाल समेत कई वरिष्ठï अधिकारी एवं जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदेश में चौवा (ऊपर जलस्तर वाले क्षेत्र) वाले एरिया के लिए स्पेशल योजना बनाएं  ताकि किसानों की फसल खराब न हो और चौवा का पानी किसी अन्य कार्य में प्रयुक्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के साथ लगते जिलों में 50-60 एकड़ के क्षेत्र में झील आदि बनाने की संभावनाएं भी तलाशें ताकि जमीन के रिचार्ज के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक तालाबों की मनरेगा के तहत खुदाई करवाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ को सरकार का फ्लैगशिप प्रोग्राम बताते हुए कहा कि राज्य सरकार 1.80 लाख रूपए वार्षिक से कम आमदनी वाले परिवारों की आय बढ़ाने के लिए कृतसंकल्प है। ऐसे परिवारों की पहचान के लिए सर्वे करवाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उक्त योजना के तहत जो मेले लगाए गए थे,उनमें जो व्यक्ति किसी भी स्कीम का लाभ नहीं लेना चाहता है तो सैंपल टैस्ट के तहत उसके असल कारणों का पता लगाने की कोशिश करें। बैंकों से लोन लेते वक्त आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए उपायुक्त संबंधित बैंक के उच्च अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समाधान करने का प्रयास करें। उन्होंने इस योजना को गति देने के लिए जिला स्तर पर माइक्रो मैनेजमैंट योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सीएम ने प्रोपर्टी आईडी बनाने के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जहां-जहां सरकारी जमीन है वहां भी विभाग-वाइज प्रोपर्टी आईडी की रिपोर्ट तैयार करें ताकि भविष्य में जरूरत पडऩे पर कोई पॉलिसी-डिसिजन लिया जा सके। उन्होंने शहरों व कस्बों में कैंप लगाकर प्रोपर्टी आईडी से संबंधित शिकायतों का निवारण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि भविष्य में आम्र्स लाइसेंस लेने से पहले 3 दिन का प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा, इसके लिए राज्य में कुछ जिलों में प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे। जल्द ही आम्र्स लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अधिकारियों को कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एसओपी बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने वृद्घावस्था सम्मान पेंशन योजना के लिए शुरू की गई नई पहल ‘स्वत: वृद्घावस्था पेंशन’ की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य में जो व्यक्ति 60 वर्ष की उम्र का हो जाएगा, विभाग के अधिकारी संबंधित व्यक्ति के घर जाकर उससे मिलेंगे और पेंशन बनवाने के लिए सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर करवाएंगे। इससे बुजुर्गों का कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में भ्रष्टïाचार के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी समाज की सेवा के लिए नियुक्त किए जाते हैं,अगर कोई व्यक्ति भ्रष्टïाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

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