राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़: किसानों के लिए सिंचाई सुधार पर जोर, क्या पूरा होगा वादा?

13 मई 2025, रायपुर: छत्तीसगढ़: किसानों के लिए सिंचाई सुधार पर जोर, क्या पूरा होगा वादा? – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को रायपुर में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक में सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव, जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने और अधूरी योजनाओं को पूरा करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मौजूदा सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देना होगा।” उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और जल अपव्यय को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, नहरों के माध्यम से होने वाले जल नुकसान को कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की बात कही।

बैठक में बांधों की जल भराव क्षमता, नहरों की स्थिति और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अंडरग्राउंड पाइपलाइन सिस्टम के जरिए जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने बस्तर और सरगुजा संभाग में लंबे समय से अधूरी पड़ी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और इसके लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता के लिए प्रस्ताव तैयार करने की बात कही। इसके अलावा, भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल baptize 26 विकासखंडों में परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दिए।

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जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी निर्माणाधीन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव वित्त श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, प्रमुख अभियंता श्री इन्द्रजीत उइके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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हालांकि, यह देखना बाकी है कि इन निर्देशों का कितना असर जमीन पर होता है। छत्तीसगढ़ में किसानों को लंबे समय से सिंचाई सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई परियोजनाएं सालों से अधूरी हैं, जिससे किसानों को बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। क्या सरकार इन योजनाओं को समय पर पूरा कर किसानों की उम्मीदों पर खरा उतरेगी? यह सवाल अभी अनुत्तरित है।

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