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राज्य कृषि समाचार (State News)

झाबुआ में कपास की फसल के बीच हो रही थी गांजे की खेती, पुलिस ने जब्त किए 9.42 करोड़ के पौधे

17 अक्टूबर 2026, झाबुआ: झाबुआ में कपास की फसल के बीच हो रही थी गांजे की खेती, पुलिस ने जब्त किए 9.42 करोड़ के पौधे – मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक (तीन वर्ष में) नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त सिंडिकेट को ध्वस्त करने, नशीले पदार्थों की अवैध खेती एवं तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा इस कारोबार में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर वैधानिक कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन (ग्रामीण)  अनुराग और पुलिस उपमहानिरीक्षक इंदौर रेंज (ग्रामीण) मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में झाबुआ पुलिस ने ग्राम कलमोड़ा के दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र में कपास की फसल के बीच की जा रही अवैध गांजा खेती का पर्दाफाश करते हुए तीन अलग-अलग प्रकरणों में 15,609 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इन पौधों का कुल वजन 99 क्विंटल 16 किलो 427 ग्राम तथा अनुमानित कीमत 9 करोड़ 42 लाख रुपये है। तीनों प्रकरणों में एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

ग्राम कलमोड़ा में पुलिस ने तीन स्थानों पर की कार्रवाई

थाना कोतवाली एवं चौकी पारा पुलिस को ग्राम कलमोड़ा में पहाड़ी, तलहटी एवं दुर्गम क्षेत्रों में कपास की फसल के बीच में अवैध गांजे की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने क्षेत्र में दबिश देकर तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से उगाए गए गांजे के पौधों को जब्त किया। मध्यप्रदेश पुलिस का “नशामुक्त मध्‍यप्रदेश” के संकल्प को साकार करने के लिए मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

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