राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर चांद में कृषक संगोष्ठी आयोजित
उन्नतशील महिला कृषकों का कलेक्टर ने किया सम्मान
17 अक्टूबर 2026, छिन्दवाड़ा: राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर चांद में कृषक संगोष्ठी आयोजित – राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को प्रोत्साहित करने, नरवाई प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड चौरई के चांद में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुपर सीडर यंत्र से नरवाई प्रबंधन तथा ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों के छिड़काव का लाइव प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाली कृषि सखियों, उन्नतशील महिला कृषकों, प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों तथा बायो रिसोर्स सेंटर संचालित करने वाले कृषकों को कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कृषि कार्यों में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण : कलेक्टर श्री नारायन – कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर उपस्थित महिला कृषकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि कार्यों में महिलाएं भी पुरुषों के समान महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। कृषि क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाली महिलाओं एवं किसानों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कलेक्टर श्री नारायन ने किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि लगातार नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है। पहले फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए किसानों के पास सीमित विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन अब सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से नरवाई का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। इन यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का खेत में ही समुचित उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने किसानों से नरवाई नहीं जलाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की अपील की।
सुपर सीडर से नरवाई प्रबंधन और ड्रोन से नैनो उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन – कृषक संगोष्ठी के दौरान किसानों को फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण एवं मृदा को होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। सुपर सीडर यंत्र का लाइव प्रदर्शन कर बताया गया कि आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से नरवाई का प्रबंधन करते हुए फसल अवशेषों का खेत में उपयोग किया जा सकता है। इससे मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
धरती माता बचाओ अभियान के अंतर्गत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों के छिड़काव का लाइव प्रदर्शन कर कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी गई। किसानों को आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
उप संचालक कृषि, परियोजना संचालक आत्मा एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी फसलों की बेहतर तैयारी, प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा कृषि की आधुनिक तकनीकों को अपनाने की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कृषि लागत कम करने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल खेती पद्धतियों को बढ़ावा देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
नवाचारी महिला कृषकों को किया सम्मानित – कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाली कृषि सखियों, उन्नतशील महिला कृषकों, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से जैविक संसाधनों को बढ़ावा देने वाले कृषकों को कलेक्टर श्री नारायन द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में उनकी सहभागिता को रेखांकित किया गया। सम्मानित कृषकों के प्रयासों से अन्य किसानों को भी नवाचार अपनाने तथा कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

अल्प वर्षा की स्थिति में चना एवं सरसों का रकबा बढ़ाने की अपील – कार्यक्रम में जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों से आगामी रबी मौसम में चना एवं सरसों का रकबा बढ़ाने की अपील की गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को उपलब्ध जल संसाधनों एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल चयन करने तथा रबी फसलों की तैयारी समय पर करने की सलाह दी। साथ ही कृषि लागत को नियंत्रित रखने, संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ,परियोजना संचालक आत्मा श्री धीरज ठाकुर, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. आर.के. झाड़े, कृषि अभियांत्रिकी विभाग के सहायक कृषि यंत्री श्री अश्विनी सिंह, अनुविभागीय अधिकारी श्री नीलकंठ पटवारी, सहायक संचालक श्रीमती सरिता सिंह, श्री सी.एम. अवस्थी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती प्राची कौतू, सुश्री आकांक्षा शिवकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री निराली आर्या, बीसा फार्म जबलपुर के प्रतिनिधि श्री दीपेंद्र सिंह, भूमिका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के श्री गोलू जितेंद्र पटेल, उन्नतशील किसान श्री प्रवेश रघुवंशी, चांद के टेक्निकल फार्मर श्री अभिषेक चौरसिया, भूमिजा फार्मर के प्रतिनिधि, हरनाखेड़ी की उत्कृष्ट कृषक श्रीमती निराली साहू तथा ग्राम चिकली की उन्नतशील कृषक श्रीमती शिवकुमारी वर्मा सहित आत्मा परियोजना के समस्त कर्मचारी, क्षेत्र के उन्नतशील किसान एवं खाद-बीज-उर्वरक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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