Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

गन्ना मूल्य में छत्तीसगढ़ देश में नंबर वन: किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगा भुगतान

17 अक्टूबर 2026, रायपुर: गन्ना मूल्य में छत्तीसगढ़ देश में नंबर वन: किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगा भुगतान – छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने गन्ने की खरीदी दर 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय से किसानों को प्रति क्विंटल 70 रुपये अधिक मिलेंगे। खास बात यह है कि बढ़ी हुई दर का लाभ पेराई सत्र 2025-26 में पहले ही गन्ना बेच चुके किसानों को भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही छत्तीसगढ़ का आधार है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखकर सरकार लगातार निर्णय ले रही है।

गन्ने की खरीदी दर में छत्तीसगढ़ देश में सबसे आगे

राज्य सरकार के अनुसार, गन्ने की नई खरीदी दर 425 रुपये प्रति क्विंटल होने के बाद छत्तीसगढ़ में किसानों को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों की तुलना में अधिक दर मिलेगी। उत्तर प्रदेश में अगैती प्रजाति के गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) 400 रुपये प्रति क्विंटल, हरियाणा में 415 रुपये और पंजाब में 416 रुपये प्रति क्विंटल है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

वहीं, महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने का भुगतान केंद्र सरकार के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी), चीनी की रिकवरी और संबंधित चीनी मिलों की व्यवस्था के आधार पर निर्धारित होता है। केंद्र सरकार ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत चीनी रिकवरी पर एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

31 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा बोनस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि राज्य की चार सहकारी चीनी मिलों से जुड़े 31 हजार से अधिक किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि गन्ने की खरीदी दर में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

नई दर लागू होने से पेराई सत्र 2025-26 में पहले ही गन्ना बेच चुके किसानों को भी बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा। इससे इस सत्र में अपनी उपज की आपूर्ति कर चुके किसानों को भी लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में हर साल 20 लाख टन तक गन्ने का उत्पादन

छत्तीसगढ़ में हर साल लगभग 18.6 लाख से 20.4 लाख टन गन्ने का उत्पादन होता है। देश में गन्ना उत्पादन के मामले में राज्य का 14वां स्थान बताया गया है। प्रदेश में चार प्रमुख सहकारी चीनी मिलें संचालित हैं।

इनमें भोरमदेव सहकारी चीनी मिल (कवर्धा), महामाया सहकारी चीनी मिल (सूरजपुर), सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी चीनी मिल (पंडरिया, कबीरधाम) और मां दंतेश्वरी मैय्या सहकारी चीनी मिल (बालोद) शामिल हैं। राज्य के कबीरधाम, सूरजपुर, जगदलपुर, सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर जिलों में गन्ने की खेती की जाती है। इनमें कबीरधाम, जगदलपुर और सरगुजा प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का रास्ता बनेगा।

गन्ने की खरीदी दर में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी उपज पर अतिरिक्त आमदनी मिलेगी। इससे किसान गन्ने की खेती की लागत, उत्पादन और संभावित लाभ का आकलन कर सकेंगे। सरकार ने किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture