किसानों को बड़ी राहत: उत्तरप्रदेश सरकार 60% सब्सिडी पर दे रही सोलर पंप, तुरंत करें आवेदन
12 दिसंबर 2025, भोपाल: किसानों को बड़ी राहत: उत्तरप्रदेश सरकार 60% सब्सिडी पर दे रही सोलर पंप, तुरंत करें आवेदन – उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की सिंचाई और खेती की लागत कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य में पानी की कमी और बढ़ते बिजली व डीजल खर्च से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए सोलर पंप योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार 40,521 सोलर पंप 60% सब्सिडी पर उपलब्ध कराएगी, यानी किसानों को केवल थोड़ी-सी राशि चुकानी होगी, जबकि बाकी खर्च सरकार उठाएगी।
यह योजना मुख्य रूप से केंद्र सरकार की PM-KUSUM योजना के अंतर्गत आती है। इच्छुक किसान 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर आवंटन
सोलर पंप आवंटन इस बार पूरी तरह ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर होगा। आवेदन समय पर और दस्तावेज पूर्ण होने पर ही प्राथमिकता मिलेगी। हर जिले के किसानों को समान अवसर देने के लिए पंपों की संख्या हर जिले के लिए तय की गई है। आवेदन के समय किसानों को 5,000 रुपये की टोकन राशि जमा करनी होगी, जो पंजीकरण की पुष्टि के रूप में ली जाएगी।
योजना से किसानों को होंगे कई फायदे
सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलेंगे। सबसे पहले, 60% तक की सब्सिडी मिलने से पंप लगाने की लागत काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा, सोलर पंप लगने के बाद किसानों को बिजली बिल और डीजल के खर्च से पूरी तरह राहत मिलेगी, जिससे खेती का खर्च और भी घट जाएगा। समय पर सिंचाई होने से फसल उत्पादन में सुधार होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, किसान अपनी जमीन और जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षमता वाले पंप चुन सकते हैं, जिससे योजना अधिक लचीली और किसानों की विविध आवश्यकताओं के अनुरूप बनती है।
आवेदन कैसे करें
इच्छुक किसान योजना में शामिल होने के लिए www.agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें पहचान और जमीन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और 5,000 रुपये की टोकन राशि जमा करनी होगी। आवेदन मंजूर होने के बाद विभाग की टीम खेत पर जाकर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
कृषि विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पंप की बोरिंग आवश्यकतानुसार होनी चाहिए। 2 HP पंप के लिए 4 इंच, 3 और 5 HP पंप के लिए 6 इंच, जबकि 7.5 और 10 HP पंप के लिए 8 इंच बोरिंग अनिवार्य है। अगर बोरिंग आवश्यकतानुसार नहीं होगी, तो टोकन राशि जब्त की जा सकती है और आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाना और खेती को आधुनिक, टिकाऊ व पर्यावरण- अनुकूल बनाना है। इस पहल से किसान न केवल बिजली और डीजल खर्च से बचेंगे, बल्कि समय पर सिंचाई के चलते फसल उत्पादन में भी सुधार होगा।
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