कम लागत में बड़ा मुनाफा: मधुमक्खी पालन पर राजस्थान सरकार दे रही 40% तक सब्सिडी, जानें पूरी आवेदन प्रक्रिया
14 फरवरी 2026, भोपाल: कम लागत में बड़ा मुनाफा: मधुमक्खी पालन पर राजस्थान सरकार दे रही 40% तक सब्सिडी, जानें पूरी आवेदन प्रक्रिया – मधुमक्खी पालन न केवल एक कम लागत का व्यवसाय है, अपितु यह कृषि, उद्यानिकी, वानिकी एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे सभी क्षेत्रों में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मधुमक्खियों द्वारा खेती मे मित्र कीट के रूप में परागण क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर फसलों की पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ-साथ विभिन्न मोम उत्पादों जैसे शहद, रायल जैली, पराग, मोम, प्रोपोलिस इत्यादि सें परोक्ष रूप से कई और व्यवसाय एवं रोजगार का भी सृजन होता है।
व्यावसायिक मधुमक्खी पालन
मधुमक्खी की ईटेलियन प्रजाति ऐपिस मैलीफेरा की रानी मक्खी के अंडे देने की क्षमता एवं शहद एकत्रित करने की क्षमता अधिक होती है, एक वर्ष में दो खण्ड के बॉक्स से करीब 40-60 किग्रा या अधिक शहद प्राप्त होता है, इसलिए यह व्यवसायिक पालन की दृष्टि से श्रेष्ठ प्रजाति है।
अनुदान के लिए पात्रता कृषक के पास न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर भू स्वामित्व होना आवश्यक है।
अनुदान प्रावधान
मधुमक्खी की श्रेष्ठ कालोनियों से आठ फ्रेमो वाली प्रति कॉलोनी की लागत 2000 रुपये एवं बॉक्स की लागत 2000 रुपये पर लागत का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रुपये 800 जो भी कम होगा अनुदान देय है। एक किसान अधिकतम 50 बी बाक्स, 50 बी कॉलोनी एव ‘‘बी‘‘ किपिंग किट किसी भी पंजीकृत फर्म द्वारा प्राप्त कर सकता है। किसानों को अनुदान राशि का भुगतान 60ः40 के अनुपात में 02 वर्षो में देय होगा। इस प्रकार एक किसान को राशि रूपये 80000 – तक का अनुदान मधुमक्खी पालन हेतु देय होगा।
मधुमक्खियों को माइग्रेशन कराने पर भी अनुदान-
मधुमक्खियों का मूल पोषण पराग, मकरन्द है, अतः किसान मधुमक्खी पालन अपनाने से पूर्व यह सुनिश्चित कर ले की उनके क्षेत्र में प्रचुर मात्रा मे पराग प्राकृतिक रूप से वर्ष भर उपलब्ध है अथवा नही। अतः किसानों के अपने क्षेत्र में फूल खत्म होने पर बी बॉक्स को दूसरे जिलों, राज्य में परिवहन व्यय पर भी अनुदान देय है।
आवेदन प्रक्रिया-
इच्छुक किसान ई-मित्र या स्वयं अपने एसएसओ आईडी से राज किसान साथी पोर्टल पर जनाधार के माध्यम से प्रमाणित जमाबंदी (छः माह से अधिक पुरानी नहीं हो) अपलोड कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए उद्यान विभाग डूंगरपुर में सम्पर्क करे।
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