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राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना का भटोदिया गांव बना ‘मिनी इजराइल’, आधुनिक सब्जी उत्पादन से कमा रहे 4 लाख रुपये तक प्रति एकड़  

29 जून 2026, गुना: गुना का भटोदिया गांव बना ‘मिनी इजराइल’, आधुनिक सब्जी उत्पादन से कमा रहे 4 लाख रुपये तक प्रति एकड़ – मध्यप्रदेश के गुना जिले में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब जमीन पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। कलेक्टर किशोर कन्याल के मार्गदर्शन में बमोरी विकासखंड का भटोदिया गांव आज आधुनिक और वैज्ञानिक सब्जी उत्पादन का ऐसा मॉडल बनकर उभरा है, जिसे लोग “गुना का मिनी इजराइल” कहने लगे हैं। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव आधुनिक खेती अपनाकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है।

110 में से 97 किसान कर रहे आधुनिक सब्जी खेती

भटोदिया गांव में कुल 110 किसान परिवार हैं, जिनमें से 97 किसान वर्षा ऋतु के दौरान उद्यानिकी फसलों के तहत सब्जियों की खेती कर रहे हैं। अधिकांश किसान ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, स्टैकिंग, फर्टिगेशन और उन्नत हाइब्रिड बीजों का उपयोग कर वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं।

गांव की ढालू और मुरमी (रेतीली) भूमि को किसानों ने आधुनिक तकनीकों की मदद से अधिक उत्पादन वाली खेती में बदल दिया है।

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दिल्ली तक पहुंच रही हैं यहां की सब्जियां

भटोदिया में मुख्य रूप से तोरई, खीरा, करेला, लौकी सहित कद्दूबर्गीय और बेल वाली सब्जियों की खेती की जाती है। यहां पैदा होने वाली सब्जियां केवल गुना की मंडियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्वालियर, मथुरा और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों तक भी पहुंच रही हैं।

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विभाग के मार्गदर्शन से बदली खेती की तस्वीर

ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रामकुमार दिवाकर के अनुसार, कुछ वर्ष पहले गांव के किसान पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, जिससे उत्पादन कम और लागत अधिक आती थी।

उद्यानिकी विभाग ने किसानों को लगातार प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया। विभाग की ओर से ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया, जिससे किसानों ने आधुनिक तकनीकों को अपनाया और उत्पादन में दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की।

अब प्रति एकड़ 3 से 4 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा

आधुनिक तकनीकों का असर किसानों की आय पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां पारंपरिक खेती से किसानों को प्रति एकड़ 40 से 50 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ मिलता था, वहीं अब आधुनिक सब्जी उत्पादन से प्रति एकड़ 3 से 4 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हो रहा है।

ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत हो रही है, जबकि फर्टिगेशन तकनीक के माध्यम से जल में घुलनशील उर्वरक सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाए जा रहे हैं। वहीं, मल्चिंग से मिट्टी में नमी बनी रहती है और खरपतवार पर नियंत्रण मिलता है। स्टैकिंग तकनीक से बेल वाली फसलों को सहारा मिलने के कारण गुणवत्तापूर्ण और अधिक उत्पादन प्राप्त हो रहा है।

3 हेक्टेयर से बढ़कर 97 हेक्टेयर तक पहुंचा सब्जी उत्पादन
भटोदिया गांव की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि 8 से 10 वर्ष पहले जहां गांव में केवल 3 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 97 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इससे गांव की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है और किसानों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

अन्य गांवों में भी विकसित होगा यह मॉडल

उप संचालक उद्यान के.पी.एस. किरार ने बताया कि उद्यानिकी विभाग जिले में क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दे रहा है। विभाग का उद्देश्य ऐसे गांव विकसित करना है, जहां अधिक से अधिक किसान एक ही क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती करें। इससे तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, विभागीय योजनाओं का लाभ और विपणन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।

उन्होंने कहा कि भटोदिया इसका उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां किसानों ने सामूहिक रूप से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अत्यधिक लाभकारी बनाया है। आने वाले समय में जिले के अन्य गांवों में भी इसी मॉडल को विकसित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान उद्यानिकी फसलों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें।

किसानों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल

भटोदिया गांव ने यह साबित कर दिया है कि यदि किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और शासकीय योजनाओं का लाभ मिले, तो सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण भूमि पर भी खेती को अत्यधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। यही वजह है कि आज यह गांव पूरे गुना जिले में उद्यानिकी आधारित समृद्धि और वैज्ञानिक खेती का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है।

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