राज्य कृषि समाचार (State News)

अनूपपुर में किसानों को बताए एनपीके काम्प्लेक्स उर्वरक के फायदे

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27 जून 2024, अनूपपुर:नूपपुर में किसानों को बताए एनपीके काम्प्लेक्स उर्वरक के फायदे – धान एवं अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए डीएपी उर्वरक के स्थान पर कॉम्प्लेक्स खाद जैसे एनपीके, एसएसपी तथा 20ः20ः0ः13  उर्वरकों  का उपयोग फायदेमंद होता है।

उक्ताशय की जानकारी देते हुए उप संचालक कृषि श्री एन.डी. गुप्ता ने किसानों से अपील की है कि डीएपी उर्वरक में केवल नाइट्रोजन (18 प्रतिशत) तथा फास्फोरस (46 प्रतिशत) तत्व होते हैं, जबकि कॉम्प्लेक्स एनपीके में नाइट्रोजन (10 प्रतिशत), फास्फोरस (16 प्रतिशत) एवं पोटाश (10 प्रतिशत) तत्व होते है। इन उर्वरकों में भूमि एवं फसलो को पोटाश तत्व भी उपलब्ध होता है जो कि दानों का वजन एवं चमक बढ़ाने में सहायक होता है।

इसी प्रकार 20ः20ः0ः13 उर्वरक में नाईट्रोजन (20 प्रतिशत), फास्फोरस (20 प्रतिशत) तथा सल्फर (गंधक 13 प्रतिशत) उपलब्ध होता है। भूमि एवं पौधे में सल्फर (गंधक) की उपलब्धता होने से पौधे की रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है। फलस्वरूप फसल में कीट व्याधि का प्रकोप कम होता है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने किसानों से एसएसपी उर्वरक के उपयोग की सलाह देते हुए बताया कि एसएसपी में फास्फोरस 16 प्रतिशत, सल्फर 11 प्रतिशत एवं कैल्शियम 21 प्रतिशत फसलों को प्राप्त होता है। जो कि फसल के लिए अति महत्वपूर्ण एवं आवश्यक तत्व है।

श्री गुप्ता ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि डीएपी के स्थान पर एनपीके/एसएसपी/काम्पलेक्स उर्वरक को बेहतर विकल्प के रूप में खेतों में डालकर किसानों द्वारा अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। काम्पलेक्स उर्वरक उपयोग करने से फराली को पोटाश के साथ सल्फर तत्व भी प्राप्त होता है। जो दानों की चमक बढ़ाने, पौधो की मजबूती एवं उनके  रोगों / कीटों  से  लड़ने  की क्षमता में वृद्धि में मददगार होता है। एसएसपी उर्वरक का उपयोग करने से उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ तिलहनी फसलों में तेल की मात्रा भी बढ़ती है।

उप संचालक कृषि ने  किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि कम से कम 4-5 इंच वर्षा होने के बाद ही फसलों की सीड ड्रिल एवं डीएसआर के माध्यम से बुवाई करें और बुवाई करने से पहले बीजों का बीज उपचार, फफूंद नाशक दवा, कीटनाशक एवं नैनो डीएपी से अवश्य करें ताकि फसलों को बीज जनित एवं मृदा जनित रोगों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि  जिले के सभी डबल लाक केन्द्रों एवं सहकारी समितियों में एनपीके एवं 20ः20ः0ः13 उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान इन केन्द्रों एवं समितियों से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।

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