राज्य कृषि समाचार (State News)

सरसों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन से बढ़ी आमदनी, विदिशा के किसानों को तीन माह में 15 हजार की अतिरिक्त आय

09 फरवरी 2026, भोपाल: सरसों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन से बढ़ी आमदनी, विदिशा के किसानों को तीन माह में 15 हजार की अतिरिक्त आय – परंपरागत खेती के साथ नवाचार को अपनाते हुए क्षेत्र के किसानों ने मधुमक्खी पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं ग्राम ललोई के कृषक रविंद्र रघुवंशी, जिन्होंने मधुमक्खी पालन को रोजगार के रूप में अपनाकर न केवल स्वयं लाभ अर्जित किया, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।

कृषि विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम ललोई के रविंद्र रघुवंशी, ग्राम नंदूपुरा के  मनोज यादव तथा ग्राम सकरौली के तुलसीराम आर्य ने इस नवाचार को अपनाया। प्रारंभ में प्रत्येक किसान को 2 मधुमक्खी पालन बॉक्स उपलब्ध कराए गए, जो प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सूर्यभान सिंह थानेश्वर एवं क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री सृष्टि रघुवंशी के माध्यम से वितरित किए गए।

रविंद्र रघुवंशी ने इन बॉक्सों को अपने खेत में लगभग दो माह तक स्थापित किया, जहाँ उन्होंने सरसों की फसल भी लगाई। मधुमक्खियों की उपस्थिति से फसल में परागण की प्रक्रिया बढ़ी, जिससे पैदावार बेहतर हुई। साथ ही सरसों की खेती कम लागत में और रोगमुक्त रही।

सिर्फ तीन माह में रघुवंशी को मधुमक्खी बॉक्सों से लगभग 30 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। उन्होंने इस शहद को 500 रुपए प्रति किलो की दर से विक्रय कर अब तक लगभग 15,000 रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की है। गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन के इस प्रयास की कृषि विभाग द्वारा सराहना भी की गई है।

श्री रविंद्र रघुवंशी अब अन्य किसानों को भी मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कृषि विभाग भी विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रशिक्षणों के माध्यम से इन किसानों के उदाहरण प्रस्तुत कर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रहा है।

यह पहल दर्शाती है कि वैज्ञानिक पद्धतियों एवं विभागीय सहयोग से किसान पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।

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