धान की 25 हजार किस्मों का बैंक रायपुर में, 8 नई किस्में जारी

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13अक्टूबर 2021, रायपुर धान की 25 हजार किस्मों का बैंक रायपुर में , 8 नई किस्में जारी – छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की आर.एल. रिछारिया प्रयोगशाला में धान की 24 हजार 750 पारंपरिक प्रजातियों एवं अन्य फसलों की 6 हजार 125 प्रजातियों के जनन द्रव्य संग्रहण हेतु निर्मित अक्ती जैवविविधता संग्रहालय का गत दिवस उद्घाटन हुआ । इस संग्रहालय में धान एवं अन्य फसलों की 30 हजार 875 प्रजातियों को भौतिक रूप से प्रदर्शन किया गया है तथा उनके विशिष्ट गुण एवं विस्तृत जानकारियां डिजीटल रूप में प्रदर्शित की गई हैं। संग्रहालय में  तिंवरा की 1009, अलसी की 2000 किस्मों का प्रदर्शन भी किया गया है। इसके अलावा किसान भाइयों की लगभग 500 से अधिक प्रजातियों का पंजीयन भारत सरकार में कराया गया है। ये प्रजातियां भी जैव विविधता संग्रहालय में प्रदर्शित की गई हैं। इन प्रजातियों का उपयोग नयी प्रजातियों के विकास के लिए होगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय बनने के बाद से आज तक विभिन्न फसलों की कुल 154 प्रजातियों का विकास किया गया है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित 8 नवीन फसल प्रजातियों भी  जारी की, जिनमें धान की बौनी विष्णुभोगबौनी सोनागाठीछत्तीसगढ़ धान-1919, छत्तीसगढ़ तेजस्वी धानमक्के की सी.जी. अगेती संकर मक्कासोयाबीन की छत्तीसगढ़ सोयाबीन-1115, करायत की सी.जी. करायत-तथा गूसबेरी की सी.जी. केप गूसबेरी-प्रजातियां शामिल हैं।

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