सोयाबीन किसानों के लिए अलर्ट! फसल में एन्थ्रेक्नोज, पीला मोजेक समेत इन कीटों का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की सलाह
28 अगस्त 2026, भोपाल: सोयाबीन किसानों के लिए अलर्ट! फसल में एन्थ्रेक्नोज, पीला मोजेक समेत इन कीटों का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की सलाह – सोयाबीन फसल इस समय महत्वपूर्ण वृद्धि अवस्था में है। ऐसे में फसल में रोग और कीटों के प्रकोप की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। शिवपुरी जिले कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों से लगातार संपर्क में रहने और फसल को लेकर जरूरी परामर्श देने के निर्देश दिए हैं। उपसंचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य ने बताया कि राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर की साप्ताहिक सलाह के अनुसार रोग और कीटों की समय पर पहचान कर शुरुआती अवस्था में नियंत्रण करने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
इन रोग-कीटों पर रखें खास नजर
वर्तमान परिस्थितियों में सोयाबीन में एन्थ्रेक्नोज, राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट और पीला मोजेक रोग का खतरा है। इसके अलावा तंबाकू की इल्ली, सेमीलूपर, चने की इल्ली, बिहार हेरी कैटरपिलर, गर्डल बीटल, तना मक्खी और सफेद मक्खी जैसे कीटों की भी निगरानी जरूरी है। एन्थ्रेक्नोज के लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित फफूंदनाशकों का छिड़काव किया जा सकता है। राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट के नियंत्रण के लिए पाइराक्लोस्ट्रोबिन अथवा पाइराक्लोस्ट्रोबिन + इपोक्सीकोनाज़ोल का उपयोग कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र की तकनीकी सलाह के अनुसार करने को कहा गया है।
पीला मोजेक दिखे तो तुरंत हटाएं संक्रमित पौधे
सोयाबीन में पीला मोजेक रोग दिखाई देने पर संक्रमित पौधों को शुरुआती अवस्था में खेत से निकालकर नष्ट करने की सलाह दी गई है। इसके प्रसार को रोकने के लिए सफेद मक्खी और अन्य रस चूसक कीटों का नियंत्रण भी जरूरी है। वहीं, तंबाकू की इल्ली, सेमीलूपर और चने की इल्ली जैसे पत्ती खाने वाले कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर खेत का निरीक्षण कर अनुशंसित कीटनाशकों का निर्धारित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। गर्डल बीटल से प्रभावित पौधों और कटे हुए हिस्सों को एकत्र कर नष्ट करने की सलाह भी दी गई है।
बिना जरूरत कृषि रसायनों का छिड़काव न करें
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि बिना आवश्यकता किसी भी कृषि रसायन का छिड़काव न करें। रोग या कीट की सही पहचान के बाद ही अनुशंसित दवा का इस्तेमाल करें। कीटनाशक और फफूंदनाशकों का प्रयोग निर्धारित मात्रा में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक या कृषि विभाग के तकनीकी अमले के मार्गदर्शन में ही किया जाए। किसान सोयाबीन में रोग या कीट संबंधी समस्या होने पर अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या विकासखंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर तकनीकी सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

