जैविक आदानों की आपूर्ति के लिए कृषि विश्वविद्यालय आगे आएं : राज्यपाल

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6 जनवारी 2021, भोपाल। जैविक आदानों की आपूर्ति के लिए कृषि विश्वविद्यालय आगे आएं : राज्यपाल राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जैविक आदानों की आपूर्ति के लिए कृषि विश्वविद्यालय आगे आएं। कृषि विश्वविद्यालय किसानों को जैविक बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर अमल करें। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक आदानों की आपूर्ति की आवश्यकता का आकलन किया जाए। उसके अनुसार आगामी दो-तीन वर्षो में आपूर्ति की व्यवस्था की जाए।

गोबर से जैविक खाद, कीटनाशक और पोषक तत्वों का सफल उत्पादन गुजरात में हो रहा है। उत्तरप्रदेश में भी 10 हजार गायों के गोबर से जैविक उत्पादों के उत्पादन की परियोजना शुरू हुई है।

उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों से कहा कि उन्नत जैविक खाद्यान्न, खाद और कीटनाशकों का उत्पादन किसानों के खेतों पर कराएं ताकि आसपास के अन्य किसान भी जैविक उत्पादन के लिए प्रेरित हों। श्रीमती पटेल पंवारखेड़ा होशंगाबाद में आयोजित जैविक उन्नत कृषि कार्यक्रम में किसानों को संबोधित कर रहीं थी। इस अवसर पर मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री कमल पटेल भी मौजूद थे।

किसानों को अधिकतम कीमत मिले

कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर फसल बेचने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक उत्पादक किसान बहुत थे, मगर खरीददार व्यापारी थोड़े से होने के कारण फसल का सही मूल्य नहीं मिल पाता था। अब किसान स्वयं अपने उत्पादन को बेचने में सक्षम हो गया है। वह खाद्यान्न उत्पादक संघ बनाकर अधिकतम खुदरा मूल्य प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री पी.के. बिसेन ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि केन्द्र से बायो डाइजेस्टर प्राप्त कर नरवाई को 15 दिनों में जैविक खाद में बदला जा सकता है।

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