राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर में जुटेंगे BRICS देशों के कृषि मंत्री, शिवराज सिंह की मौजूदगी में तय होगी खेती की नई दिशा; छोटे किसानों से AI तक होगी चर्चा

08 जून 2026, इंदौर: इंदौर में जुटेंगे BRICS देशों के कृषि मंत्री, शिवराज सिंह की मौजूदगी में तय होगी खेती की नई दिशा; छोटे किसानों से AI तक होगी चर्चा – मध्यप्रदेश का इंदौर शहर 9 से 13 जून तक वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र बनने जा रहा है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली ब्रिक्स (BRICS) कृषि कार्य समूह और कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में सदस्य देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह आयोजन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृषि नवाचार, छोटे किसानों के सशक्तिकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर वैश्विक स्तर पर नई दिशा तय करने का अवसर बनेगा।

वैश्विक कृषि में BRICS देशों की अहम भूमिका

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया के विकासशील देशों की एक सशक्त आवाज हैं। इन देशों के पास विश्व की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। दुनिया के करोड़ों किसानों में बड़ी संख्या छोटे और सीमांत किसानों की है, जिनमें से अधिकांश ब्रिक्स देशों में रहते हैं। ऐसे में कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर इन देशों के बीच होने वाला संवाद वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं मानता, बल्कि इसे खाद्य और पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि, रोजगार सृजन और सतत विकास से जोड़कर देखता है। इसी सोच के साथ भारत ब्रिक्स मंच पर कृषि सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।

छोटे किसानों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक का मुख्य केंद्र छोटे और सीमांत किसानों की चुनौतियां होंगी। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सीमित भूमि, संसाधनों की कमी, आधुनिक तकनीकों तक सीमित पहुंच और बाजार से जुड़ाव जैसी समस्याएं आज भी छोटे किसानों के सामने बड़ी चुनौती हैं।

बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि किसानों की उत्पादन लागत कैसे कम की जाए, उन्हें बेहतर बाजार कैसे उपलब्ध कराया जाए, कृषि ऋण तक उनकी पहुंच कैसे बढ़े और अनुसंधान एवं नवाचार का लाभ सीधे खेत तक कैसे पहुंचे। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन पर मंथन

ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की बैठकों में खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और जलवायु अनुकूल खेती जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। विशेषज्ञ बढ़ती आबादी के बीच पर्याप्त और पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराने की चुनौतियों पर विचार करेंगे।

बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर भी चर्चा होगी। बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर, रीजेनरेटिव फार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े उपायों पर मंथन किया जाएगा।

AI और डिजिटल तकनीकों पर होगी चर्चा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। भारत में अब तक करोड़ों किसानों की डिजिटल पहचान तैयार की जा चुकी है, जिससे योजनाओं और सेवाओं का लाभ किसानों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है।

बैठक में AI आधारित कृषि सलाह, संसाधन प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने की तकनीक और डिजिटल कृषि प्रणालियों के विस्तार पर भी विचार किया जाएगा। विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि आधुनिक तकनीक का लाभ छोटे किसानों तक कैसे पहुंचाया जाए।

फूड वेस्टेज और वैकल्पिक आय पर भी रहेगा जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया में हर वर्ष बड़ी मात्रा में खाद्यान्न बर्बाद हो जाता है, जिससे खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण दोनों प्रभावित होते हैं। बैठक में भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

इसके अलावा किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और अन्य सुविधाओं के विस्तार पर भी विचार किया जाएगा।

पांच दिन तक चलेगा कार्यक्रम

कार्यक्रम के तहत 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की अधिकारी स्तर की बैठकें आयोजित होंगी। इसके बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि साझा रणनीति और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे। बैठक के समापन पर एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किए जाने की भी संभावना है।

दुनिया को दिखेगी मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा। प्रतिनिधि राजवाड़ा, 56 दुकान और मांडू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए ‘ब्रिक्स वाटिका’ के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

कृषि सहयोग को मिलेगी नई दिशा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि इंदौर में होने वाला यह आयोजन कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार, तकनीकी साझेदारी और छोटे किसानों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह बैठक ठोस परिणाम लेकर आएगी। साथ ही यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नेतृत्व क्षमता और मध्यप्रदेश की पहचान को भी और मजबूत करेगा।

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