नीमच में कृषि को मिलेगा नया विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं से 1 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि होगी सिंचित
06 अक्टूबर 2026, नीमच : नीमच में कृषि को मिलेगा नया विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं से 1 लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि होगी सिंचित – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नीमच में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की और किसानों से सीधा संवाद किया। ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि क्षेत्र में नवाचार और उनकी आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीमच जिला उन्नत कृषि, आधुनिक खेती और कृषि व्यापार के क्षेत्र में प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। जिले में अश्वगंधा, इसबगोल, तुलसी, सतावरी, चिरायता, आंवला, बहेड़ा और नीम सहित विभिन्न औषधीय फसलों का उत्पादन होता है। इसके अलावा चिया सीड, लहसुन, मेथी और धनिया सहित अनेक कृषि उत्पादों के उत्पादन और व्यापार में भी नीमच की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ेगा कृषि क्षेत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संचालित परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रामपुरा-मनासा सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना से 212 गांवों की 67 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हो सकेगी। इसी तरह जावद-नीमच और खुमान सिंह शिवाजी सिंचाई योजनाओं के पूर्ण होने से एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जिले में कृषि का रकबा बढ़ेगा और बड़ी संख्या में किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
नीमच मंडी की बढ़ी आवक और आय
मुख्यमंत्री ने नीमच कृषि उपज मंडी की कृषि व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीमच मंडी ए-ग्रेड मंडी है और औषधीय फसलों के व्यापार के लिए एशिया के प्रमुख केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। वर्ष 2023-24 में मंडी में 53.46 लाख क्विंटल कृषि उपज की आवक हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर करीब 72 लाख क्विंटल हो गई। इसी अवधि में मंडी की आय में भी वृद्धि हुई और वर्ष 2025-26 में यह करीब 34.5 करोड़ रुपये हो गई।
10 हजार एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में प्राकृतिक और जैविक खेती
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीमच जिले में 10 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक और जैविक खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, फसल विविधीकरण करने और कृषि के साथ आय बढ़ाने वाली अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कृषि के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने पशुपालकों को प्रोत्साहित करने और गांधीसागर जलाशय सहित जिले में मत्स्य उत्पादन से जुड़े परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।
चीता प्रोजेक्ट से पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीसागर अभयारण्य में चीता प्रोजेक्ट से नीमच जिले में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नीमच को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील किसानों श्री श्याम कारपेंटर, श्री हरीश पाटीदार, श्री किशोर कुमार पाटीदार और श्री अनिल धाकड़ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल उत्पादन, पशुपालन तथा किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी। आयोजन स्थल पर कृषि और विभिन्न विभागों की ओर से योजनाओं तथा कृषि तकनीकों से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव, जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा, नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, हितग्राही और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश सहित अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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