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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में कृषि विभाग ने आयोजित किया कृषि आदानों का गुण नियंत्रण अभियान, कृषकों को किया जायेगा जागरूक

24 फरवरी 2024, जयपुर: राजस्थान में कृषि विभाग ने आयोजित किया कृषि आदानों का गुण नियंत्रण अभियान, कृषकों को किया जायेगा जागरूक – राजस्थान के प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी वैभव गालरिया की अध्यक्षता में बुधवार को पंत कृषि भवन में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देशानुसार कृषि आदानों यथा: उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी रसायनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु किसानों को उच्च गुणवत्ता के उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी रसायन उपलब्ध कराये जाने के संबंध में बैठक का आयोजन हुआ।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा 26 फरवरी से 10 मार्च तक कृषि आदानों उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी रसायनों का गुण नियंत्रण विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें उर्वरक निर्माताओं के परिसरों से लिये जाने वाले नमूनों के परिणाम सात दिवस में जारी किये जायेंगे।

किसानों को किया जायेगा जागरूक

श्री वैभव गालरिया ने कहा कि कृषि आदानों के साथ टैगिंग किये जाने पर सम्बन्धित निर्माताओं और विक्रेताओं के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की जायेगी। टैगिंग नही किये जाने के सम्बन्ध में तथा गुणवत्ता युक्त कृषि आदानों के बारे में कृषक गोष्ठी, इलेक्ट्रोनिक मीडिया व न्यूज पेपर द्वारा कृषकों में जागरूकता पैदा की जायेगी। 

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उर्वरकों के प्रतिवर्ष 20,000 नमूनों की जा रही जांच 

उन्होंने कहा कि राजस्थान में उत्पादित उर्वरकों का परीक्षण सुनिश्चित होने पर ही डिस्पॉज करवाया जायेगा। आयातित उर्वरकों के सभी बैंचों के नमूने लिये जायेंगें। कृषि आदान नमूनों के विश्लेषण में अमानक पाये जाने पर सम्बन्धित निर्माताओं व विक्रेताओं के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। वर्तमान में राज्य में 7 उर्वरक एवं एक जैव उर्वरक तथा 7 बीज परीक्षण प्रयोगशालाऐं कार्यरत है। प्रतिवर्ष उर्वरकों के लगभग 20 हजार नमूनें लिये जा रहे है तथा प्रयोगशालाओं की क्षमता का पूर्ण उपयोग होना सुनिश्चित करें।

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प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में प्रतिवर्ष खरीफ व रबी मौसम से पूर्व किसानों को गुणवत्ता पूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता के लिए माह मई-जून एवं सितम्बर-अक्टूबर में विशेष गुण नियंत्रण अभियान संचालित किये जाते है तथा आवश्यकतानुसार समय-समय पर विशेष गुण नियंत्रण अभियान भी चलाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि गुण नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत उर्वरक एवं बीज नमूने लेने की प्रक्रिया आई.टी. पोर्टल “RajAgeiQC” ऐप के माध्यम से ऑन-लाईन सम्पादित की जा रही है। इस ऐप को अपग्रेड किया जाकर अमानक नमूनों के विरूद्ध कार्यवाही की ऑन-लाईन मॉनिटरिंग शीघ्र प्रारंभ की जाये।

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