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राज्य कृषि समाचार (State News)

सीलबंद पैकिंग में मिले अमानक कीटनाशक पर विक्रेता जिम्मेदार नहीं, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द की आपराधिक कार्यवाही

निर्माता की जिम्मेदारी पर जोर, कीटनाशक विक्रेता और प्रोपराइटर को बड़ी राहत

14 अक्टूबर 2026, चंडीगढ़: सीलबंद पैकिंग में मिले अमानक कीटनाशक पर विक्रेता जिम्मेदार नहीं, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द की आपराधिक कार्यवाही – पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गत दिनों सीलबंद पैकिंग में मिले मिसब्रांडेड (भ्रामक लेबल वाले) कीटनाशक के मामले में कीटनाशक विक्रेता और उसके प्रोपराइटर के खिलाफ दर्ज शिकायत, समन आदेश तथा उससे जुड़ी समस्त कार्यवाही रद्द कर दी है। न्यायमूर्ति जसजीत सिंह बेदी ने 6 अक्टूबर 2026 को दिए फैसले में स्पष्ट किया कि संबंधित विक्रेता न तो कीटनाशक का निर्माता था और न ही आयातक। ऐसे में कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 30(3) के तहत उसे राहत मिल सकती है।

क्या है मामला? – मामला पंजाब के मलेरकोटला स्थित मेसर्स सोही खेती सेवा केंद्र और उसके प्रोपराइटर सिकंदर सिंह से संबंधित है। अक्टूबर 2017 में कीटनाशक निरीक्षक और कृषि उपनिरीक्षक ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया था। इस दौरान फोरेट 10% सीजी के 5-5 किलोग्राम के 40 पैकेट मिले थे। इनका निर्माण उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद स्थित मेसर्स एस.डी. एग्रो केमिकल्स लिमिटेड ने किया था। नमूनों की जांच में कीटनाशक मिसब्रांडेड पाया गया। इसके बाद कीटनाशक अधिनियम की धाराओं 29 और 33 के तहत शिकायत दर्ज कर विक्रेता सहित अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई।

सीलबंद पैकिंग ने दिलाई राहत – हाईकोर्ट ने पाया कि नमूने मूल सील बंद पैकिंग से लिए गए थे। रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं था, जिससे यह साबित हो कि पैकिंग से छेड़छाड़ हुई थी या कीटनाशक का भंडारण निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं किया गया था। अदालत ने पूर्व के न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि केवल उत्पाद का कारोबार करने के आधार पर विक्रेता को उसकी गुणवत्ता या लेबलिंग में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जब निर्माण प्रक्रिया और उत्पाद की गुणवत्ता पर उसका नियंत्रण नहीं था।

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धारा 30(3) के तहत संरक्षण – अदालत ने कीटनाशक अधिनियम की धारा 30(3) के तहत उपलब्ध वैधानिक संरक्षण को महत्वपूर्ण माना। इसके अनुसार, निर्धारित शर्तें पूरी होने पर विक्रेता यह साबित कर सके कि उसने कीटनाशक अधिकृत स्रोत से खरीदा, उचित सावधानी के बावजूद उसे गड़बड़ी की जानकारी नहीं थी और उसके पास रहने के दौरान उत्पाद की स्थिति तथा भंडारण उचित था, तो उसे दायित्व से राहत मिल सकती है। इन्हीं तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर हाईकोर्ट ने 4 अक्टूबर 2017 की शिकायत, 11 अक्टूबर 2017 के समन आदेश और उनसे जुड़ी समस्त कार्यवाही रद्द कर दी।

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कृषि आदान विक्रेताओं के लिए अहम फैसला –  यह फैसला कृषि आदान विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सील बंद पैकिंग में बेचे गए हर अमानक कीटनाशक के मामले में विक्रेता स्वतः दोषमुक्त हो जाएगा। राहत संबंधित तथ्यों, उचित भंडारण, खरीद के स्रोत और कानून में निर्धारित शर्तों पर निर्भर करेगी।

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