अगेती हो या पछेती बुवाई, श्रीराम सुपर 5-SR-05 गेहूँ किस्म देती है पूरा मौका
12 अक्टूबर 2026, भोपाल: अगेती हो या पछेती बुवाई, श्रीराम सुपर 5-SR-05 गेहूँ देती है पूरा मौका – रबी सीजन शुरू होते ही ज्यादातर किसानों के सामने एक ही सवाल होता है कि खेत समय पर खाली होगा या नहीं। धान और सोयाबीन की कटाई में देरी, असमय बारिश और खेत की नमी कई बार गेहूँ की बुवाई को हफ्तों पीछे धकेल देती है।
देश में 320 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेहूँ बोया जाता है और इनमें बड़ी संख्या उन किसानों की है जिनकी बुवाई खरीफ फसल के बाद ही हो पाती है। ऐसे किसानों के लिए किस्म का चुनाव उतना ही अहम है जितना बुवाई का समय।
15 अक्टूबर से नवंबर अंत तक बुवाई का विकल्प
श्रीराम फार्म सॉल्यूशन की गेहूँ किस्म श्रीराम सुपर 5-SR-05 इसी जरूरत को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। कंपनी के अनुसार किसान इसे 15 अक्टूबर से लेकर नवंबर के अंत तक कभी भी बो सकते हैं और उपज पर इसका असर नहीं पड़ता।
यानी जिन किसानों का खेत जल्दी खाली हो जाता है, वे अगेती बुवाई कर सकते हैं। वहीं जिनकी कटाई देर से होती है, वे भी बिना जल्दबाजी के इसी किस्म को अपना सकते हैं।
यह किस्म अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार की गई है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ, राजस्थान और हरियाणा जैसे प्रमुख गेहूँ उत्पादक राज्यों के किसान इसे अपने इलाके और बुवाई के समय के अनुसार चुन सकते हैं।
देर से बुवाई में भी मजबूत फसल
पछेती बुवाई में अक्सर फसल कमजोर रह जाती है और दाना हल्का पड़ता है। श्रीराम सुपर 5-SR-05 में मजबूत कल्ले और ठोस बालियाँ बनती हैं, जिससे तेज हवा या बारिश में भी फसल के गिरने की आशंका कम रहती है।
इस किस्म के दाने बड़े, वजनदार, कठोर और चमकदार होते हैं। यह किस्म अगेती और पछेती, दोनों तरह की बुवाई में अन्य किस्मों की तुलना में अधिक उत्पादन देती है।
भूरा रतुआ और झुलसा जैसे प्रमुख रोगों के प्रति भी यह किस्म सहनशील पाई गई है। इससे देर से बोई गई फसल में भी दवाओं पर होने वाला खर्च कम रहता है।
समय से बुवाई के लिए बीज दर 40 किलोग्राम प्रति एकड़ रखी जाती है। रबी विपणन वर्ष 2027-28 के लिए गेहूँ का एमएसपी 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ है, इस भाव पर अधिक उपज से किसान प्रति एकड़ 5,000 रुपये से अधिक का अतिरिक्त लाभ कमा सकते हैं।
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