कृषि विशेषज्ञों ने दी सलाह – गेहूं की बुवाई में देरी न करें
18 नवंबर 2025, भोपाल: कृषि विशेषज्ञों ने दी सलाह – गेहूं की बुवाई में देरी न करें – यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने राज्य के किसानों को यह सलाह दी है कि वे गेहूं की बुवाई में बिल्कुल देरी न करें. क्योंकि यदि देरी की जाती है तो इसका असर उत्पादन में हो सकता है. इसी तरह से कृषि विशेषज्ञों ने भी कहा है कि बुवाई का कार्य प्रमुख होता है इसलिए इसे समय पर कर लेना चाहिए. किसानों को सलाह दी है कि वे हर हाल में 25 नवंबर तक बुवाई का काम निपटा लें.
कृषि मंत्री शाही ने यह बात बेस्ट प्रेक्टिस एवं विन डॉक्यूमेंटेशन गोष्ठी में कहीं. उन्होंने कृषि विकास की रूपरेखा भी पेश की और कहा कि खेती में तकनीक, सटीक प्रबंधन और नवाचार से प्रदेश की कृषि का भविष्य बदलेगा. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को “विकसित उत्तर प्रदेश-2047” के तहत बेस्ट प्रैक्टिस एवं विजन डॉक्यूमेंटेशन पर आयोजित विचार मंथन गोष्ठी में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कृषि क्षेत्र को उत्पादकता, नवाचार, तकनीक और प्रबंधन के माध्यम से नए आयाम दिए जा रहे हैं. कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन यूएस डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें कृषि क्षेत्र से एक ट्रिलियन यूएस डॉलर के योगदान का रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बताया कि कृषि विकास कार्यशाला में तकनीक आधारित खेती, फसलों का विविधीकरण, समय पर उर्वरक उपलब्धता, कृषि ऋण की सुविधा, बेहतर प्रबंधन और सहकारी समितियों की भूमिका को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला सहकारी बैंकों के पुनरुद्धार कार्य ने किसानों में भरोसा बढ़ाया है. सभी सहकारी समितियों को कैश क्रेडिट लिमिट प्रदान कर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. ओवर-रेटिंग की रोकथाम के लिए समितियों को क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं.
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