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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि सहयोग को मिलेगी नई गति: भारत की नेपाल और मालदीव के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

06 फरवरी 2026, नई दिल्ली: कृषि सहयोग को मिलेगी नई गति: भारत की नेपाल और मालदीव के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली में 12, सफदरजंग रोड स्थित अपने आवास पर नेपाल के कृषि एवं पशुधन मंत्री डॉ. मदन प्रसाद परियार और मालदीव के कृषि एवं पशु कल्याण राज्य मंत्री अहमद हसन दीदी से सौजन्य भेंट की। इस दौरान भारत, नेपाल और मालदीव के बीच कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि नेपाल और मालदीव भारत के घनिष्ठ मित्र राष्ट्र हैं और इनके साथ भारत के संबंध केवल द्विपक्षीय ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन देशों के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग को और गहराई देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि अनुसंधान, उन्नत बीज और मृदा स्वास्थ्य पर चर्चा

बैठक के दौरान कृषि अनुसंधान, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य और लाइवस्टॉक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में पहले से एक समझौता ज्ञापन (MoU) मौजूद है, जिसके तहत दोनों देश मिलकर कई क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि इस मौजूदा सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति बनी है, ताकि किसानों को बेहतर तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक अनुसंधान का लाभ मिल सके। लाइवस्टॉक क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

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भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह से मिलेगा सहयोग को बल

केंद्रीय कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान भारत और नेपाल के बीच एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया था। यह समूह कृषि सहयोग को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और दोनों देशों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित संवाद होगा और व्यावहारिक समाधान निकाले जाएंगे।

मालदीव की एग्रो-क्लाइमेटिक जरूरतों के अनुरूप सहयोग

मालदीव के साथ चर्चा के दौरान उसकी विशिष्ट एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विकास पर विचार किया गया। बैठक में मृदा सुधार, उन्नत बीज, प्रशिक्षण और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई, जिसमें भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत, मालदीव को उसकी जरूरतों के अनुसार कृषि तकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकता है।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट, मालदीव के कृषि एवं पशु कल्याण मंत्रालय के स्थायी सचिव मोहम्मद अनीस तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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