कृषि विज्ञान केंद्र, हरदा की कृषकों को सलाह
28 जून 2026, हरदा: कृषि विज्ञान केंद्र, हरदा की कृषकों को सलाह – केंद्र के पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार बंकोलिया ने किसानों काे सलाह दी है कि फसल में प्रारंभिक अवस्था में रोग एवं कीटों से बचाव तथा उपयुक्त पौध संख्या सुनिश्चित करने के लिए बीजोपचार अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए एफ.आई.आर विधि को अपनाएं तथा फफूंद नाशक, कीटनाशक एवं जैविक कल्चर का सही क्रम में उपयोग करें।
बीजोपचार की विधि – सबसे पहले अनुशंसित पूर्व मिश्रित फफूंदनाशक एजॉक्सीस्ट्रोबिन 2.5% + थायोफीनेट मिथाइल 11.25% + थायमेथोक्साम 25% एफ.एस की मात्रा 10 मिली प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचार करें। इसके बाद राइजोबियम कल्चर मिलाएं। बुवाई से पहले बीज का अंकुरण प्रतिशत अवश्य जांचें।
विपरीत मौसम में फसल सुरक्षा हेतु – अल नीनो/सूखा, अतिवृष्टि या असामयिक वर्षा जैसी परिस्थितियों में सोयाबीन की बुवाई निम्न पद्धतियों से करें बी.बी.एफ. (चौड़ी क्यारी प्रणाली), रिज-फरो पद्धति, रेज्ड बेड पद्धति इन तकनीकों के उपयोग से जल निकास बेहतर होता है तथा फसल सुरक्षित रहती है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

