नमो ड्रोन दीदी बनीं आरती साहू, 1154 एकड़ में ड्रोन से किया नैनो खाद का छिड़काव; कमाए ₹3.5 लाख
18 अगस्त 2026, रायपुर: नमो ड्रोन दीदी बनीं आरती साहू, 1154 एकड़ में ड्रोन से किया नैनो खाद का छिड़काव; कमाए ₹3.5 लाख – छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सिमगा विकासखंड के ग्राम रानीजरौद की आरती साहू आधुनिक तकनीक को रोजगार का जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से आरती पिछले दो वर्षों से किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं। आरती किसानों को 300 रुपए प्रति एकड़ की दर से ड्रोन छिड़काव की सेवा उपलब्ध कराती हैं। इससे किसानों को कम समय में खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव कराने की सुविधा मिल रही है। वहीं आरती के लिए यह काम नियमित आय का जरिया बन गया है।
1154 एकड़ में किया छिड़काव
आरती साहू ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने करीब 1154 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया। इससे उन्हें लगभग 3.5 लाख रुपए की आमदनी हुई। ड्रोन के जरिए खेतों में उर्वरक छिड़काव से किसानों का समय और मेहनत बचाने में मदद मिलती है। वहीं आरती को भी गांव में रहते हुए रोजगार और आय का नया अवसर मिला है।
लखपति दीदी बनने की राह पर आरती
आरती साहू का कहना है कि ड्रोन उनके लिए सिर्फ खेती में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम भी है। तकनीक से जुड़कर वह अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना ने ग्रामीण महिलाओं को नई तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
दूसरी महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
आरती की सफलता यह दिखाती है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण लेकर रोजगार के नए अवसरों से जुड़ सकती हैं। ड्रोन के माध्यम से किसानों को सेवा देने के साथ वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के जरिए महिलाओं को कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक से जोड़ने और उन्हें सेवा आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। आरती साहू की कहानी गांव की अन्य महिलाओं को भी तकनीक अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
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