राज्य कृषि समाचार (State News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

हरियाणा में एक ऐसी योजना जिससे मिलेगा फसलों का उचित मूल्य

25 फ़रवरी 2025, भोपाल: हरियाणा में एक ऐसी योजना जिससे मिलेगा फसलों का उचित मूल्य – हरियाणा की सरकार  अपने राज्य के किसानों के लिए एक ऐसी का संचालन कर रही है जिसका लाभ यदि किसान उठाते है तो उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सकेगा वहीं आर्थिक रूप से भी परेशान होने से किसान बच सकेंगे। जिस योजना का संचालन किया जा रहा है उसका नाम भावांतर भरपाई योजना है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए आलू उत्पादक किसानों को भावांतर भरपाई योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को पिछले वर्ष 2023-24 की बकाया राशि 46.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही किसानों को सलाह दी है कि आलू का भाव कम होने की स्थिति में फसल को कोल्ड स्टोर में रखें।

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के किसानों को जोखिम मुक्त करने के लिए अपनी तरह की अनूठी योजना भावांतर भरपाई की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य मंडियों में ब्रिकी मूल्य में गिरावट आने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना है। योजना में कुल 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया है, जिसमें 5 फल फसलें, 14 सब्जी फसलें व 2 मसाला फसलें शामिल हैं। इस योजना में बागवानी फसलों की उत्पादन लागत के आधार पर संरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाता है। मंडियों में ब्रिकी के दौरान उपरोक्त बागवानी फसलों के निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम दाम मिलने पर संरक्षित मूल्य व बिक्री मूल्य में अन्तर की भरपाई प्रोत्साहन सहायता राशि के रूप में की जाती है। योजना की शुरुआत से अब तक कुल 3,15,614 किसानों ने 7,02,220 एकड़ क्षेत्र का योजना में पंजीकरण करवाया है तथा 110 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि 24,385 किसानों को दी गई है।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements