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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि क्षेत्र की योजनाओं पर वित्तीय पाबंदी से घटेगी विकास की रफ्तार

प्रदेश के 33 विभागों की 73 योजनाओं पर लगी रोक

28 अगस्त 2024, (अतुल सक्सेना, भोपाल): कृषि क्षेत्र की योजनाओं पर वित्तीय पाबंदी से घटेगी विकास की रफ्तार – म.प्र. सरकार ने कृषि विभाग की तीन महत्वपूर्ण एवं कृषक हित की योजनाओं पर वित्तीय पाबंदी लगाने के साथ-साथ कुल 33 विभागों की 73 योजनाओं पर लगाम लगाई है। सरकार की मंशा है कि इससे फिजूलखर्ची रुकेगी और आर्थिक संकट रोकने में सहायता मिलेगी। परन्तु दूसरी तरफ प्रदेश के विकास की रफ्तार भी कम होगी। कृषि और इससे सम्बद्ध क्षेत्र की योजनाओं पर अंकुश लगाने का मतलब यह है कि कृषि विकास की रफ्तार कम कर किसानों की उन्नति के मार्ग में अवरोध पैदा करना। क्योंकि वित्त विभाग से अनुमति लेने में समय लगने के साथ-साथ जानकारियों से उन्हें संतुष्ट करना होगा, तभी योजनाओं का बजट मिलेगा और क्रियान्वयन प्रारंभ होगा।

आर्थिक संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार में वित्त विभाग ने अब फिजूलखर्ची रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। इन योजनाओं के लिए पैसा खर्च करने से पहले वित्त विभाग की हरी झंडी लगेगी,यानी कि वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही विभाग इन योजनाओं में पैसे खर्च कर सकेंगे।जिन योजनाओं पर वित्तीय पाबंदी लागू की गई है वह सीधे आम व्यक्ति से ताल्लुक रखती हैं वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में यह बताया गया है कि ये पाबंदी मार्च 2025 तक लागू रहेंगी, मतलब साफ है कि नया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले तक ये रोक इसी महीने से लागू रहेंगी।

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प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा कृषक हित में चलाई जा रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एमएसपी पर, फसल खरीदी में बोनस भुगतान एवं मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना पर पाबंदी लगाई गई है। इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग की फसलोत्तर प्रबंधन के तहत एकीकृत शीत श्रृंखला की अधोसंरचना विकास प्रोत्साहन योजना, ग्रामीण विकास विभाग की महिला स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त भुगतान ब्याज योजना, मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में आहरण के लिए अनुमति लेनी होगी। इसी प्रकार राजस्व विभाग की 15वें वित्त आयोग के तहत क्षमता निर्माण एवं आपदा प्रबंधन योजना बनाने हेतु, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की सोलर पंप योजना, मत्स्य विकास विभाग की मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, सहकारिता विभाग की कृषकों कोअल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना एवं मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग की लाड़ली लक्ष्मी योजना पर खर्च करने से पहले वित्त विभाग की हरी झंडी आवश्यक कर दी गई है।वित्तीय प्रबंधन में जुटी सरकार ने 4 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज ले रखा है, इसी महीने में सरकार दूसरी बार कर्ज लेने जा रही है। इस तरह से सिर्फ एक महीने में सरकार 10 हज़ार करोड़ का कर्ज ले लेगी, लगातार कर्ज लेने के बाद अब  किसानो एवं जनता से जुड़ी योजनाओं में कटौती देखने को मिल सकती है।

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जानकारी के मुताबिक अन्य विभागों के साथ-साथ नगरीय विकास एवं आवास विभाग की सबसे अधिक 8 योजनाओं तथा इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग की 5 योजनाओं पर वित्त विभाग ने पाबंदी लगाई है I

कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र की वित्तीय पाबंदी वाली योजनाएं

विभाग योजनाओं की संख्या
कृषि  3
उद्यानिकी 1
सहकारिता  2
ग्रामीण विकास 3
मत्स्य  1
नवकरणीय ऊर्जा  1
महिला बाल विकास 1

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