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राज्य कृषि समाचार (State News)

डेयरी बिजनेस शुरू करने का सुनहरा मौका: कामधेनु योजना के तहत सरकार दे रही 33% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

15 दिसंबर 2025, भोपाल: डेयरी बिजनेस शुरू करने का सुनहरा मौका: कामधेनु योजना के तहत सरकार दे रही 33% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं, किसानों व पशुपालकों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है।

क्या है डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना

यह योजना मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के अंतर्गत एक नवीन घटक के रूप में लागू की गई है, जिसे 25 अप्रैल 2025 को मंजूरी दी गई। योजना के तहत हितग्राहियों को 25 दुधारू पशुओं की एक डेयरी इकाई स्थापित करने का अवसर दिया जा रहा है। इच्छुक और सक्षम लाभार्थी अधिकतम 8 इकाइयाँ, यानी 200 दुधारू पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी लगा सकते हैं।

कितनी होगी लागत

योजना के अंतर्गत 25 दुधारू पशुओं की एक इकाई की लागत करीब 36 लाख से 42 लाख रुपये के बीच निर्धारित की गई है। इसमें पशुओं की खरीद, शेड निर्माण, चारा व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्था शामिल हैं।

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सब्सिडी का लाभ

1. योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसमें मिलने वाली सरकारी सब्सिडी है।
2. अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
3. अन्य सभी वर्गों के लिए 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है।
4. बाकी राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे बड़े निवेश की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।

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भूमि होना है जरूरी

योजना के तहत प्रति इकाई हितग्राही के पास कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना अनिवार्य है। भूमि परिवार के सामूहिक खाते में भी हो सकती है, लेकिन इसके लिए अन्य सदस्यों की सहमति जरूरी होगी। यदि इकाइयों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो उसी अनुपात में भूमि की उपलब्धता भी आवश्यक होगी।

ट्रेनिंग पर भी जोर

सरकार चाहती है कि पशुपालक आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी व्यवसाय चलाएं। इसलिए योजना के अंतर्गत प्रोफेशनल ट्रेनिंग को भी महत्व दिया गया है, ताकि पशुपालक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से परिचित हो सकें।

ऐसे होगा चयन

योजना में पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। चयन सामान्यत: “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर किया जा रहा है। उन पशुपालकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो पहले से दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को नियमित रूप से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं।

चार चरणों में मिलेगा ऋण

पात्र हितग्राही को स्वीकृत ऋण राशि का भुगतान चार चरणों में किया जाएगा, ताकि डेयरी इकाई को व्यवस्थित और सही तरीके से स्थापित किया जा सके।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, कृषि भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

कहां करें आवेदन

इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से भी योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रदेश के पशुपालकों और युवाओं के लिए डेयरी बिजनेस शुरू करने का एक सुनहरा अवसर है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।

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