मध्यप्रदेश के किसान ने अपनाई पपीते की आधुनिक खेती, 2.5 लाख की लागत से 10-11 लाख रुपये की आय का अनुमान
03 नवंबर 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश के किसान ने अपनाई पपीते की आधुनिक खेती, 2.5 लाख की लागत से 10-11 लाख रुपये की आय का अनुमान – मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने विकासखंड नलखेड़ा के ग्राम बोरखेड़ी में प्रगतिशील किसान शांतिलाल यादव के खेत का भ्रमण किया। यहां उन्होंने ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक से की जा रही पपीते की उन्नत खेती का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने किसान से पपीते की खेती की लागत, उत्पादन और विपणन के संबंध में जानकारी ली।
किसान शांतिलाल यादव ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में वीएनआर किस्म के कुल 700 पपीते के पौधे लगाए हैं। इन पौधों की सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक और खेत में मल्चिंग पद्धति अपनाई गई है। किसान के अनुसार, प्रत्येक पौधे से 50 से 70 किलोग्राम तक उत्पादन मिलने का अनुमान है।
2.5 लाख रुपये तक आई खेती की लागत
शांतिलाल यादव ने बताया कि पपीते की खेती में लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये की लागत आई है। बाजार में पपीते का भाव 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम मिलने पर उन्हें 10 से 11 लाख रुपये की सकल आय होने की उम्मीद है। इस हिसाब से खेती से लगभग 7.5 से 8.5 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ मिलने का अनुमान है।
कलेक्टर ने की आधुनिक तकनीक अपनाने की सराहना
खेत के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक लाभ अर्जित करने के किसान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने किसान को पपीते के साथ अमरूद और फूलों की मिश्रित खेती अपनाने की सलाह भी दी। कलेक्टर ने कहा कि इससे आय के स्रोत बढ़ेंगे और खेती में जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी, एसडीएम देव कुंवर सोलंकी, उप संचालक उद्यानिकी अर्जुन सिंह राजपूत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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