राज्य कृषि समाचार (State News)

सवा 2 हजार करोड़ रुपए की रतनगढ़ परियोजना से 40 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधाओं का लाभ

23 फरवरी 2026, भोपाल: सवा 2 हजार करोड़ रुपए की रतनगढ़ परियोजना से 40 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधाओं का लाभ – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दतिया वीरता और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहां आस्था और प्रगति का उत्कृष्ट संगम है। हमारी सरकार दतिया के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। विगत वर्ष बुंदेला काल के दतिया महल और गुज्जरा लघु शिलालेख को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में स्थान मिल गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले की विकास यात्रा अब रूकने वाली नहीं है। आज दतिया विकास, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का एक रोल मॉडल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया में एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ दतिया से भोपाल फ्लाईट भी शुरू हो गई है। खजुराहो से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली अब दतिया से चंद घंटों की दूरी पर आ गया है। उन्होंने कहा कि दतिया में मां पीताम्बरा लोक का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। इससे जिले के पर्यटन को नए पंख लगेंगे और दतिया को एक नई धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव  दतिया जिले के सेवढ़ा तहसील मुख्यालय में 529 करोड़ लागत के 71 विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि करीब सवा 2 हजार करोड़ रूपए की लागत वाली रतनगढ़ सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र के 40 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले के नशामुक्ति कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य के लिए जिलेवासियों को बधाई दी।

केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का दतिया के किसानों को मिलेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी पेयजल संकट से जूझने वाला दतिया में आज हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर काम चल रहा है। इसका भरपूर लाभ दतिया जिले के किसानों को भी मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। दतिया जिले में 1.48 लाख हैक्टेयर से अधिक भू-रकबे में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से यहां कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। विगत दो सालों में यहां 7 लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के 1.37 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा है। फसल बीमा योजना यहां के 1.26 लाख से अधिक किसानों का सुरक्षा कवच बनी है।

पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और सम्मान के लिए दृढ़-संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किसान भाइयों के खाते में सम्मान निधि भेजने की शुरुआत की है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। दोनों समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहकर हर मौसम में काम करते हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई की सुविधा मिल रही है। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिंचित रकबा मात्र 7 लाख हैक्टेयर था जो हमारी सरकार आने पर बढ़कर 44 लाख हैक्टेयर हुआ और पिछले डेढ़-दो साल में यह बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासकीय गौ-शालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया है। पात्र हितग्राहियों को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गाय पालने पर 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है।

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