देश के 1 करोड़ 62 लाख किसान ई- नाम से जुड़े

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

इंदौर। किसानों को उनकी उपज का सही और उचित दाम मिले इसके लिए अप्रैल 2016 में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय कृषि बाजार यानी ई -नाम से ऑन लाइन प्लेटफार्म शुरू किया था। जिसको अच्छा प्रतिसाद मिला है और अब तक देश की 585 मंडियों के 1 करोड़ 62 लाख से अधिक किसान इससे जुड़ चुके हैं। यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि विपणन विभाग के संयुक्त सचिव श्री प्रसांता कुमार स्वाईं ने एक वीडियो के जरिए दी।

श्री स्वाईं ने बताया कि ई -नाम एक ऑन लाइन वर्चुअल प्लेटफार्म है, जहां प्रतिस्पर्धा बोली प्रक्रिया के माध्यम से किसानों को उनके उत्पादों का लाभकारी मूल्य दिलाने का अवसर प्रदान करता है।यह उत्पाद की गुणवत्ता के अनुसार मूल्य प्राप्त करने में मदद करता है ।गुणवत्ता की जाँच के लिए मंडियों में गुणवत्ता उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। 

देश के 16 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 585 मंडियां ई -नाम से जुड़ चुकी हैं और 415 अतिरिक्त मंडियां जल्द ही जुड़ जाएंगी।अब तक 1 करोड़ 62 लाख से अधिक किसान ई -नाम से जुड़ चुके हैं। ई -नाम प्लेट फार्म में 150 कृषि जिंस का व्यापार करने की सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें अनाज, मोटे अनाज,दलहन, तिलहन, फल, सब्जियां, मसाले,अन्य उत्पाद फूल , रेशे वाले उत्पाद आदि शामिल हैं। ई -नाम  मंडियों में विभिन्न राज्यों के बीच अंतर राज्यीय व्यापार शुरू हुआ है। जिसमें अब तक 12 राज्यों ने भाग लिया है। किसानों को एकीकरण और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ ) में संगठित किया जाता है। अब तक 16 राज्यों में 830 से अधिक एफपीओ ई- नाम से जुड़ चुके हैं। अभी एफपीओ को जो नई सुविधा दी गई है, उसमें वे अपने परिसरों से  अपनी जिंस की फोटो इत्यादि एवं गुणवत्ता मापदंडों को ई -नाम में अपलोड कर व्यापार कर सकते हैं।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

16 − 12 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।