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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की रूस के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात, कृषि और व्यापार पर हुई गहन चर्चा  

27 सितम्बर 2025, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की रूस के उप प्रधानमंत्री से मुलाकात, कृषि और व्यापार पर हुई गहन चर्चा – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में रूस के उप प्रधानमंत्री  दिमित्री पात्रुशेव से मुलाकात की। इस दौरान रूस के उप कृषि मंत्री सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। बैठक में दोनों देशों के बीच कृषि, विज्ञान, तकनीक, नवाचार, शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री  चौहान ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण और सार्थक रही। उन्होंने बताया कि रूस के उप प्रधानमंत्री और उनकी पूरी टीम के साथ कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर खुलकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित करने और तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने पर भी जोर दिया। साथ ही, भारत के आलू और अनाज को रूस के बाजार में प्रवेश दिलाने को लेकर भी बातचीत हुई।

मत्स्य, पोल्ट्री और तकनीकी सहयोग पर बात

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत के मत्स्य क्षेत्र में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं, और इस क्षेत्र को रूस के साथ साझेदारी के तहत आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। पोल्ट्री उत्पादों को रूस के बाजार तक पहुँचाने और निर्यात में वृद्धि लाने पर भी बातचीत हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि फाइटो-सेनेटरी मानकों और गैर-शुल्कीय बाधाओं (नॉन टैरिफ बैरियर्स) से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान निकलेगा।

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बैठक में शोध और नवाचार पर भी चर्चा हुई। मंत्री  चौहान ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और रूस की समकक्ष संस्थाओं के बीच व्यापक सहयोग के तहत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आदान-प्रदान को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है।

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शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को भी बढ़ावा

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि भारत और रूस के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान को लेकर भी अहम सहमति बनी है। रूस ने चार भारतीय विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा देने की पेशकश की है। इसके बदले में भारत भी रूस के छात्रों को फेलोशिप का लाभ देगा, जिससे न केवल शैक्षणिक बल्कि सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा दोनों देशों ने बीज तकनीक और कृषि आधारित समाधान विकसित करने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा की। मंत्री चौहान ने कहा कि यह सहयोग हमारे किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

व्यापारिक मुद्दों पर हुई विस्तृत बातचीत

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि रूस के सहयोग से व्यापार से जुड़े लम्बित मुद्दों का निश्चित रूप से समाधान निकलेगा, जिससे भारत और रूस दोनों के किसानों, उपभोक्ताओं और नागरिकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस की मित्रता क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।

मंत्री चौहान ने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है। इसी सोच के साथ भारत, राष्ट्रहितों को ध्यान में रखते हुए रूस के साथ कृषि, नवाचार, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्रों में और बेहतर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

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