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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

प्याज और धान की ढुलाई होगी सस्ती, रेलवे ने घटाई वैगनों की लोडिंग सीमा

किसानों और व्यापारियों को मालभाड़े में मिलेगी राहत, एक साल तक लागू रहेगी नई व्यवस्था

06 नवंबर 2026, नई दिल्ली: प्याज और धान की ढुलाई होगी सस्ती, रेलवे ने घटाई वैगनों की लोडिंग सीमा – केंद्र सरकार ने प्याज और धान के परिवहन को सस्ता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने मालगाड़ियों के वैगनों में इन दोनों कृषि उपज की लदान क्षमता में बदलाव करते हुए नई सीमा निर्धारित की है। इससे किसानों और व्यापारियों को माल ढुलाई के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे की नई व्यवस्था 28 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई है और 27 अक्टूबर 2027 तक प्रभावी रहेगी।

रेलवे बोर्ड के नए आदेश के अनुसार, बीसीएन और बीसीएनए श्रेणी के मालगाड़ी वैगनों में धान की लदान सीमा 52 टन और प्याज की 45 टन निर्धारित की गई है। यह व्यवस्था अलग-अलग रेलवे मार्गों पर लागू होगी। इससे पहले इन वैगनों में धान और प्याज की ढुलाई के लिए 59.8 से 64 टन तक वजन की सीमा निर्धारित थी। अब दोनों कृषि उपज के लिए अलग-अलग सीमा तय कर दी गई है।

मालभाड़े की गणना में अंतर होगा कम

रेलवे बोर्ड के अनुसार, कई बार मालगाड़ी के वैगनों में वास्तव में लादे गए वजन और मालभाड़े की गणना के लिए निर्धारित वजन के बीच अंतर देखने को मिलता है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए लदान क्षमता में बदलाव किया गया है। रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था से परिवहन लागत और मालभाड़े की गणना में आने वाली विसंगतियों को कम करने में मदद मिलेगी।

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कृषि कारोबार को मिलेगा लाभ

प्याज और धान देश की प्रमुख कृषि उपज में शामिल हैं। इनका बड़े पैमाने पर एक राज्य से दूसरे राज्य तक परिवहन किया जाता है। ऐसे में रेलवे की नई व्यवस्था से कृषि कारोबार से जुड़े व्यापारियों और किसानों को राहत मिलने की संभावना है। विशेष रूप से लंबी दूरी तक उपज भेजने वाले कारोबारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था को एक वर्ष के लिए लागू किया गया है। इस अवधि में रेलवे इन दोनों कृषि उपज की ढुलाई निर्धारित नई सीमा के अनुसार करेगा। सरकार के इस कदम से कृषि उपज के परिवहन को अधिक व्यवस्थित बनाने और ढुलाई खर्च का बोझ कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।

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