राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आज के कृषि समाचार@ 5.00 PM: खरीफ फसल बीमा I सॉइल हेल्थ मिशन I तंबाकू फसल I MSP I 4 सरकारी योजनाएं

06 अगस्त 2025, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें….

1. फसल बीमा योजना का लाभ देने के लिए चलेगा अभियान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों का खरीफ सीजन में ज्यादा से ज्यादा नामांकन करने और ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में स्वयं सहायता समूहों की सदस्य बहनों की तरक्की के लिए उन्हें अधिक लोन देने के संबंध में सभी बैंकों व राज्य सरकारों की वर्चुअल बैठक ली। पूरी खबर पढ़े….

2. शिवराज सिंह ने बैंकों के साथ की अहम बैठक: खरीफ फसल बीमा और SHG महिलाओं को अधिक लोन देने पर दिया जोर

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सभी बैंकों और राज्य सरकारों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत खरीफ सीजन में ज्यादा से ज्यादा किसानों के नामांकन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को अधिक लोन देने के मुद्दे पर चर्चा की। पूरी खबर पढ़े….

3. सॉइल हेल्थ मिशन में तमिलनाडु की बड़ी उपलब्धि, 152 लाख किसानों तक पहुंचा कार्ड

 तमिलनाडु में किसानों की मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है। वर्ष 2015 में शुरू हुई ‘सॉइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी स्कीम’ के तहत 30 जून 2025 तक राज्य में 152.51 लाख किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड (SHC) दिए जा चुके हैं। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 6 अगस्त 2025 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। पूरी खबर पढ़े….

4. पीएम-किसान योजना में आधार सीडिंग क्यों जरूरी है? कृषक ई-मित्र चैटबॉट से पाएं मदद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत पात्र किसानों को तीन बराबर किस्तों में सालाना ₹6,000 की सहायता राशि दी जाती है। अब तक किसानों को इस योजना के तहत कुल ₹3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रकम सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। पूरी खबर पढ़े….

5. प्रधानमंत्री मोदी 7 अगस्त को करेंगे एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

कृषि विज्ञान के क्षेत्र में एक अग्रणी व्यक्तित्व और खाद्य सुरक्षा के लिए समर्पित प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन की जन्मशती के अवसर पर एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (एमएसएसआरएफ), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (एनएएएस) के सहयोग से एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। पूरी खबर पढ़े….

6. एफसीवी तंबाकू की फसल से किसानों की बढ़ी आय, निर्यात में दोगुनी वृद्धि

एफसीवी (फ्लू क्योर्ड वर्जीनिया) तंबाकू की खेती करने वाले किसानों की आमदनी में बीते कुछ वर्षों में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्हें न सिर्फ अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, बल्कि निर्यात में भी दोगुनी से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़े….

7. किसानों को बड़ी राहत: 2025-26 में 22 फसलों के MSP में बढ़ोतरी, कृषि बजट ₹1.27 लाख करोड़ पहुंचा

भारत सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से 2025-26 के लिए खरीफ, रबी और वाणिज्यिक सीजन की कुल 22 अधिसूचित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 5 अगस्त 2025 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। सरकार ने यह फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों और राज्यों की राय के आधार पर लिया है। पूरी खबर पढ़े….

8. किसानों के लिए फायदेमंद हैं ये 4 सरकारी योजनाएं, जानिए कैसे मिलेगा सीधा फायदा

भारत में बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। लेकिन आज भी देश के कई किसान आर्थिक रूप से पिछड़े हैं और खेती से पर्याप्त आमदनी नहीं कमा पा रहे हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की मदद के लिए समय-समय पर कई योजनाएं शुरू करती हैं। इन योजनाओं का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना और खेती को आसान बनाना है। पूरी खबर पढ़े….

9. PMFBY: 9 साल में 22 करोड़ से अधिक किसानों को मिला पीएम फसल बीमा लाभ, 78 करोड़ आवेदन दर्ज

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी और लाभकारी योजनाओं में से एक है। भारत सरकार ने इसे 18 फरवरी 2016 को शुरू किया था और 18 फरवरी 2025 को योजना ने अपने 9 साल पूरे कर लिए हैं। पूरी खबर पढ़े….

10. पर्यावरण : ‘कैम्पा’ से रोकी जा सकती है, वनों की कटाई

हमारी नीतियां, खासकर वन संबंधी नीतियां, इस अवधारणा पर टिकी होती हैं कि उपभोग के बाद हम अपने प्राकृतिक संसाधनों को वापस पुनर्जीवित कर लेंगे। वनों की क्षतिपूर्ति की खातिर बना ‘कैम्पा’ इसी विचार की बानगी है, लेकिन क्या इस तरह से हम लाखों एकड़ जंगल काटकर वापस उसे हरा-भरा कर सकेंगे? ‘कैम्पा’ से भी आखिर क्या हो पा रहा है? पूरी खबर पढ़े….

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