राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

चीनी उत्पादन 343.5 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान, ISMA ने कीमतों के दबाव और एथेनॉल नीति पर दी चेतावनी

19 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: चीनी उत्पादन 343.5 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान, ISMA ने कीमतों के दबाव और एथेनॉल नीति पर दी चेतावनी – इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने आज नई दिल्ली में आयोजित अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) में बताया कि देश में 2025–26 चीनी सीजन के दौरान कुल चीनी उत्पादन 343.5 लाख टन रहने का अनुमान है। यह अनुमान बेहतर गन्ना पैदावार, प्रमुख राज्यों में रिकवरी रेट में सुधार और अनुकूल मौसम परिस्थितियों के आधार पर लगाया गया है।

इस अवसर पर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव श्री संजीव चोपड़ा की उपस्थिति ने बैठक को विशेष महत्व दिया। ISMA ने स्पष्ट किया कि बदलते बाजार हालात के बीच सरकार और सभी संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना समय की आवश्यकता है, ताकि चीनी और बायो-एनर्जी क्षेत्र को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।

बैठक में चीनी उद्योग की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा हुई। ISMA ने कहा कि फिलहाल चीनी की बाजार कीमतें उत्पादन लागत से नीचे बनी हुई हैं, जिससे चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। इसका सीधा असर किसानों को समय पर गन्ना भुगतान पर पड़ सकता है। संगठन ने इस स्थिति से निपटने के लिए न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) में समय पर संशोधन को जरूरी बताया, ताकि मिलों की आर्थिक सेहत सुधरे और गन्ना बकाया की समस्या रोकी जा सके।

एथेनॉल को लेकर ISMA ने इसे देश के ऊर्जा परिवर्तन का एक अहम स्तंभ बताया। संगठन का कहना है कि 2025–26 एथेनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए एथेनॉल खरीद कीमतों में बढ़ोतरी आवश्यक है, क्योंकि पिछले तीन वर्षों से कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि उत्पादन लागत लगातार बढ़ी है। ISMA ने यह भी जोर दिया कि निजी क्षेत्र के गन्ना-आधारित एथेनॉल उत्पादकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना निवेश और क्षमता विस्तार के लिए बेहद जरूरी है।

Advertisement
Advertisement

एथेनॉल की मांग को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए ISMA ने फ्लेक्स-फ्यूल और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने की वकालत की। संगठन का मानना है कि ऐसे वाहनों पर जीएसटी में राहत और अन्य प्रोत्साहन दिए जाने से एथेनॉल उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा और किसानों के लिए गन्ने की अतिरिक्त मांग भी बनेगी।

Advertisement
Advertisement

बैठक में E20 से आगे की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति पर भी चर्चा हुई। ISMA ने सरकार से आग्रह किया कि एथेनॉल मिश्रण को E20 से आगे ले जाने के लिए एक स्पष्ट और चरणबद्ध रोडमैप तैयार किया जाए, जिससे उद्योग को दीर्घकालिक निवेश के लिए स्पष्ट दिशा मिल सके। इसके साथ ही डीजल में आइसो-ब्यूटेनॉल मिश्रण की संभावनाओं को भी भविष्य के अवसर के रूप में रेखांकित किया गया।

ISMA के अनुसार, नवंबर 2025 में जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान में 2025–26 सीजन के लिए 343.5 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में विशेष सैटेलाइट इमेजरी, फील्ड रिपोर्ट्स और क्रशिंग ट्रेंड के विश्लेषण से यह सामने आया कि दिसंबर के मध्य तक उत्पादन में साल-दर-साल लगभग 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन सकारात्मक संकेतों के आधार पर ISMA ने अपने उत्पादन अनुमान को बरकरार रखा है।

ISMA के अध्यक्ष गौतम गोयल ने कहा कि भारतीय चीनी और बायो-एनर्जी उद्योग एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियों का समाधान जरूरी है, लेकिन साथ ही तकनीक, सतत विकास और विविधीकरण के जरिए भविष्य के लिए तैयार उद्योग बनाना भी उतना ही अहम है। उन्होंने सरकार के साथ रचनात्मक सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

ISMA के उपाध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने कहा कि एथेनॉल अब भारत के ऊर्जा परिवर्तन का मजबूत आधार बन चुका है। उनके अनुसार, समय पर नीतिगत फैसले और E20 से आगे की स्पष्ट रणनीति से न केवल निवेश को गति मिलेगी, बल्कि देश के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

ISMA के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि आने वाले वर्ष में संगठन उन्नत गन्ना विकास, डिजिटलाइज्ड चीनी मिलों और बायो-आधारित उत्पादों की ओर विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे किसानों की समृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता को भी बल मिलेगा।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements
Advertisement
Advertisement