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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बिना GM बीज के 2047 तक मक्का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य: कृषि मंत्री शिवराज सिंह

10 जुलाई 2025, नई दिल्ली: बिना GM बीज के 2047 तक मक्का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य: कृषि मंत्री शिवराज सिंह – केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को फिक्की द्वारा आयोजित 11वें मक्का सम्मेलन के दौरान कहा कि भारत 2047 तक मक्का का उत्पादन मौजूदा 42.3 मिलियन टन से बढ़ाकर 86 मिलियन टन करने की क्षमता रखता है। यह लक्ष्य गैर-जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) यानी पारंपरिक बीजों की उन्नत किस्मों के जरिए हासिल किया जाएगा।

जीएम बीज के बिना ढ़ेगी उत्पादकता

कृषि मंत्री ने कहा, “हम जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) बीजों का इस्तेमाल नहीं करते, फिर भी उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।” उन्होंने बताया कि उच्च स्टार्च युक्त, पारंपरिक और हाई यील्डिंग बीजों की मदद से मक्का की उपज को नई ऊंचाई दी जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) अब तक 265 किस्में विकसित कर चुकी है, जिनमें 77 हाईब्रिड और लगभग 30 बायोफॉर्टिफाइड किस्में शामिल हैं।

मक्का की उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत

मंत्री ने बताया कि भारत में मक्का की औसत उत्पादकता फिलहाल 3.7 टन प्रति हेक्टेयर है, जिसे और बढ़ाने की जरूरत है। कुछ राज्य जैसे पश्चिम बंगाल और बिहार राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा में उन्होंने धान के विकल्प के रूप में मक्का को अपनाने की सिफारिश की।

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उन्होंने कहा कि मक्का के उपयोग को बढ़ाने के लिए उसमें स्टार्च की मात्रा 65-70% से बढ़ाकर 72% या उससे अधिक करनी होगी। इसके लिए और अधिक शोध कार्य की आवश्यकता है ताकि मक्का से एथनॉल, पशु चारा, फूड प्रॉडक्ट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में बेहतर उपयोग हो सके।

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एथनॉल नीति से बढ़ा मक्का का भाव

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले मक्का के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2400 प्रति क्विंटल से नीचे आ गए थे, लेकिन अब एथनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य (20% तक) के चलते इनमें सुधार हुआ है। उन्होंने पशु चारे की बढ़ती लागत को लेकर चिंता जताने वालों को आश्वासन देते हुए कहा, “किसानों को उनका उचित मूल्य मिलना चाहिए, बाकी समस्याओं का हल अलग से निकाला जाएगा।”

उत्तर प्रदेश में बनेगा मक्का क्लस्टर

सम्मेलन में यह भी बताया गया कि कृषि मंत्रालय ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत निन्जाकार्ट कंपनी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में मक्का क्लस्टर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 5 जिलों के 10,000 से ज्यादा किसानों से हर साल 25,000 टन मक्का खरीदा जाएगा, जो एथनॉल प्लांट्स को आपूर्ति किया जाएगा।

प्रमुख मक्का उत्पादक राज्य

भारत में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार मक्का के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। 2020-21 में जहां उत्पादन 31.64 मिलियन टन था, वहीं 2024-25 में यह 34% बढ़कर 42.28 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

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