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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

डेयरी उद्योग प्रबंधन में नारी-शक्ति की अहम भूमिका – श्रीमती मुर्मु

पशुपालन-डेयरी क्षेत्र के विकास में वैज्ञानिकों का योगदानभी अविस्मरणीय – श्री तोमर

24 अप्रैल 2023, करनाल (हरियाणा)/नई दिल्ली: डेयरी उद्योग प्रबंधन में नारी-शक्ति की अहम भूमिका – श्रीमती मुर्मु – राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के शताब्दी वर्ष में 19वां दीक्षांत समारोह राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में हुआ। हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, आईसीएआर के महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक विशेष अतिथि थे। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत में डेयरी उद्योग के प्रबंधन में नारी-शक्ति अहम भूमिका निभारही हैं। डेयरी सेक्टर में 70 प्रतिशत से अधिक भागीदारी महिलाओं की है।बहुत खुशी की बात है कि आज डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एक-तिहाई से अधिक लड़कियां हैं, स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में भी 50 प्रतिशत लड़कियां हैं।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि डेयरी सेक्टर का महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के   साथ साथ उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मेंबदलाव लाने में ख़ास महत्व है।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि एनडीआरआई देश का बहुत ही महत्वपूर्ण संस्थान है, जिसने 100 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण की है। देशभर में कृषि विश्वविद्यालयों में प्रतिस्पर्धा में आईसीएआर से सम्बद्ध एनडीआरआई ने लगातार 5 वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि पशुपालन-डेयरी क्षेत्र में आज देश जिस मुकाम पर खड़ा है, उसमें वैज्ञानिकों का योगदान भी अविस्मरणीय है। भारत कृषि प्रधान देश है, जिसमेंकृषि क्षेत्र की कल्पना पशुपालन व मत्स्यपालन के बिना करना संभव नहीं है। विशेष रूप से छोटे व भूमिहीन किसानों की रोजी-रोटी तो पशुपालन पर भी निर्भर करती है। कृषि की जीडीपी में पशुपालन का उल्लेखनीय योगदान है। इस क्षेत्र की जो चुनौतियां है, उनका समाधान करते हुए आगे बढ़ते रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2021-22 में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 444 ग्राम प्रतिदिन रही, जबकि 2021 के दौरान वैश्विक औसत 394 ग्राम प्रतिदिन था। देश में 2013-14 से 2021-22 के बीच दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता में लगभग 44% की वृद्धि हुई है। 

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हरियाणा के राज्यपाल श्री दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री श्री रूपाला ने भी संबोधित किया। समारोह में स्नातक-स्नातकोत्तर,पी.एचडी. डिग्री प्रदान की गई। श्रेष्ठ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। यहां संस्थान के निदेशक व कुलपति डॉ. धीर सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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