राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

प्रदेश में 49 लाख हेक्टर से अधिक हुई बोंनी

07 जुलाई 2026, नई दिल्ली: प्रदेश में 49 लाख हेक्टर से अधिक हुई बोंनी – प्रदेश में मानसून छाने के बाद खरीफ बुवाई में तेजी आई है। अब तक लगभग 49 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोनी कर ली गई है, जो लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 32.4 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में फसलों की बुवाई 50.71 लाख हेक्टेयर में हुई थी। प्रमुख फसल सोयाबीन की बुवाई अब तक 26 लाख हेक्टेयर में कर ली गई है I

कृषि विभाग के मुताबिक राज्य में खरीफ फसलों का सामान्य क्षेत्र 145.98 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 150.45 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें लेने का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध 2 जुलाई तक 48.70 लाख हेक्टेयर में बोनी कर ली गई है।

प्रदेश की प्रमुख खरीफ फसल सोयाबीन की बोनी अब तक 25.96 लाख हेक्टेयर में कर ली गई है जबकि 54.09 लाख हेक्टेयर लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष इस अवधि में 29.74 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी। दूसरी प्रमुख फसल धान की बोनी अब तक 4.37 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि लक्ष्य 39.63 लाख हेक्टेयर रखा गया है और गत वर्ष अब तक 1.85 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई थी। इसी प्रकार अन्य प्रमुख फसलों में अब तक मक्का की बुवाई 11.88 लाख हेक्टेयर में हो गई है जो लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 43.1 प्रतिशत है। वहीं तुअर 44 हजार हेक्टेयर, उड़द 70 हजार हेक्टेयर एवं कपास 4.26 लाख हेक्टेयर में बोई गई है। राज्य में अब तक कुल अनाज फसलें 73.40 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 16.36 लाख हे. में तथा तिलहनी फसलें 63.06 लाख हे. लक्ष्य के विरुद्ध 26.68 लाख हे. में बोई गई है। दलहनी फसलें 8.27 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 1.47 लाख हेक्टेयर में बोई गई है।

प्रदेश में बुवाई स्थिति 2 जुलाई 2026 तक (लाख हे.)

फसललक्ष्यबुवाई
धान39.634.37
ज्वार0.850.06
मक्का27.5311.88
बाजरा3.810.01
कोदो1.570.04
कुटकी2.170.52
रागी5.310.87
मूंग0.790.09
सोयाबीन54.0925.96
मूंगफली6.170.65
तिल2.440.04
रामतिल0.360.05
कपास5.724.19

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture