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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

दालों के घटते आयात से 15 हजार करोड़ की बचत : श्री तोमर

आईआईपीआर के भोपाल और बीकानेर क्षेत्रीय केन्द्र का शुभारम्भ

15 फरवरी 2021, नई दिल्ली। दालों के घटते आयात से 15 हजार करोड़ की बचत : श्री तोमर– केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, किसानों, वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम और केन्द्र सरकार की किसान अनुकूल नीतियों के कारण बीते पांच-छह साल में, देश में दालों का उत्पादन 140 लाख टन से बढ़कर 240 लाख टन तक पहुंच गया है। अब हमें देश की भावी आवश्यकताओं पर ध्यान देना है। श्री तोमर ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक, 2050 तक देश में 320 लाख टन दालों की जरूरत होगी। दालों के लिए आयात पर निर्भरता कम हो गई है और देश हर साल 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत कर रहा है। श्री तोमर भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) द्वारा विश्व दलहन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

इस अवसर पर, श्री तोमर ने आईआईपीआर के क्षेत्रीय केन्द्रों भोपाल और बीकानेर के कार्यालय और प्रयोगशाला भवनों के शुभारम्भ के साथ ही आईआईपीआर के क्षेत्रीय केन्द्र खोर्धा (ओडिशा) का शिलान्यास किया।

श्री तोमर ने कहा कि विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन ने लोगों के स्वास्थ्य पर दालों के अच्छे प्रभाव को देखते हुए विश्व दलहन दिवस मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही, दुनिया दलहन फसलों के संवर्धन पर ध्यान केन्द्रित करेगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 6 साल के भीतर, दालों के एमएसपी में 40 प्रतिशत से
73 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।

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केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बेहतर प्रजातियां और उच्च गुणवत्ता के बीज एक अच्छी फसल के अहम घटक हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, 150 दलहन बीज हब स्थापित किए गए हैं।

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कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आईसीएआर के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. तिलक राज शर्मा, सहायक निदेशक डॉ. संजीव गुप्ता, आईआईपीआर के निदेशक डॉ. एन. पी. सिंह के साथ ही कई किसान, वैज्ञानिक और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

देश में

  • दालों का उत्पादन 240 लाख टन तक पहुंचा।
  • 2050 तक 320 लाख टन दालों की जरूरत।
  • कम आयात से 15,000 करोड़ बचे।
  • दालों के एमएसपी में 73त्न तक बढ़ोतरी।