राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

वाराणसी से पीएम मोदी का किसानों के लिए बड़ा ऐलान: पीएम मोदी ने 20,000 करोड़ की 17वीं किस्त जारी की, 30,000 महिलाओं को मिला नया रोजगार

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19 जून 2024, वाराणसी: वाराणसी से पीएम मोदी का किसानों के लिए बड़ा ऐलान: पीएम मोदी ने 20,000 करोड़ की 17वीं किस्त जारी की, 30,000 महिलाओं को मिला नया रोजगार – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में किसान सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 17वीं किस्त जारी की, जिससे करीब 9.26 करोड़ किसानों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई। इस मौके पर उन्होंने 30,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को कृषि सखियों के रूप में प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य प्रमुख राज्य मंत्री भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, “पीएम किसान सम्मान निधि दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री ने पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने में प्रौद्योगिकी के उपयोग की सराहना की और विकसित भारत संकल्प यात्रा का भी श्रेय दिया, जिसके कारण 1 करोड़ से अधिक किसानों ने पीएम किसान योजना के तहत खुद को पंजीकृत कराया। ” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि करोड़ों किसानों के बैंक खातों में जमा की गई है, जिसमें वाराणसी के किसानों को 700 करोड़ रुपये का हिस्सा मिला है।

21वीं सदी में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने और दालों और तिलहनों में आत्मनिर्भरता की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने एक प्रमुख कृषि-निर्यातक देश बनने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (एक जिला एक उत्पाद) योजना तथा हर जिले में निर्यात केंद्रों के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कृषि में भी जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट के मंत्र पर जोर देते हुए कहा, “मेरा सपना है कि दुनिया भर में हर खाने की मेज पर कम से कम एक भारतीय खाद्य उत्पाद अवश्य हो।” उन्होंने यह भी कहा कि किसान समृद्धि केंद्रों के माध्यम से मोटे अनाज, हर्बल उत्पादों और प्राकृतिक खेती को समर्थन देने के लिए एक विशाल नेटवर्क बनाया जा रहा है।

“कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है: श्री शिवराज सिंह चौहान

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा, “कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। हमारे लिए किसान भगवान के समान हैं और उनकी सेवा करना भगवान की पूजा करने जैसा है।” उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री जी की किसानों और खेती के प्रति प्रतिबद्धता ही है कि उन्होंने सबसे पहले किसान सम्मान निधि अर्थात् किसान के खाते में पैसे डालने वाली फाइल पर साइन किया और आज यहां आकर अपना पहला कार्यक्रम भी किसानों के बीच में किया।

कृषि मंत्री ने आगे कहा, आज प्रधानमंत्री जी के सिंगल क्लिक से लगभग सवा 9 करोड़ किसानों के खाते में 20,000 करोड़ रुपये डलने के बाद लगभग 3,25,000 करोड़ रुपये अब तक किसानों के खाते में डाल दिए गए हैं। श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के रोडमैप पर लगातार काम हुआ है। इसके लिए एक और सिंचाई योजनाओं के माध्यम से नई तकनीक का प्रयोग कर उत्पादन बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं तो दूसरी और उत्पादन की लागत घटाने के लिए सरकार अरबों रुपए की सब्सिडी देती है जिससे किसान को सस्ती खाद मिलती है।

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