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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

PM फसल बीमा योजना: आसान प्रीमियम में पूरी फसल सुरक्षित, जानिए आवेदन से क्लेम तक का प्रोसेस

10 जुलाई 2025, नई दिल्ली: PM फसल बीमा योजना: आसान प्रीमियम में पूरी फसल सुरक्षित, जानिए आवेदन से क्लेम तक का प्रोसेस – खेती किस्मत नहीं, समझदारी और योजना का काम है। लेकिन कई बार मौसम की मार, ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं मेहनत पर पानी फेर देती हैं। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की है। यह योजना फसल नुकसान की भरपाई के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। इस योजना में न्यूनतम प्रीमियम देकर किसान पूरी फसल का बीमा करा सकते हैं।

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?

PMFBY का मकसद प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप या खराब मौसम से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई करना है। किसानों को बेहद कम प्रीमियम देना होता है, जबकि बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर चुकाती हैं।
1. खरीफ फसलों पर प्रीमियम: 2%
2. रबी फसलों पर प्रीमियम: 1.5%
3. वार्षिक/बागवानी फसलों पर प्रीमियम: 5%
4. पूर्वोत्तर राज्यों और J&K में पूरा प्रीमियम सरकार वहन करती है।

कौन-कौन सी कंपनियां दे रही हैं बीमा?

सरकार इस योजना को लागू करने के लिए कई निजी और सरकारी बीमा कंपनियों से साझेदारी करती है, जैसे:
1. चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस
2. रिलायंस जनरल इंश्योरेंस
3. बजाज आलियांज
4. एचडीएफसी एर्गो
5. इफको टोकियो
6. यूनिवर्सल सोम्पो
7. टाटा AIG
8.SBI जनरल
9. यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस
10.ICICI लोम्बार्ड

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आवेदन से क्लेम तक की प्रक्रिया:

1. आवेदन कैसे करें?

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-किसान बैंक, बीमा एजेंट या CSC सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
-आवेदन करते समय आधार कार्ड, जमीन के कागज़, फसल विवरण और मोबाइल नंबर देना जरूरी होता है।
-ऑनलाइन पोर्टल (pmfby.gov.in) या मोबाइल ऐप से भी आवेदन किया जा सकता है।

2. रसीद और एप्लिकेशन ID

आवेदन के बाद किसानों को एक एप्लिकेशन ID मिलती है, जिससे वे बीमा स्टेटस और क्लेम ट्रैक कर सकते हैं।

3. क्लेम कैसे मिलेगा?

– फसल नुकसान होने की स्थिति में सर्वे होता है।
– बीमा कंपनी स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट और उपग्रह आधारित आंकड़ों से नुकसान का आंकलन करती है।
– क्लेम राशि सीधे बैंक खाते में DBT के ज़रिए भेजी जाती है।

किन जोखिमों से मिलती है सुरक्षा?

1. बाढ़, सूखा, तूफान, ओलावृष्टि
2. कीट प्रकोप या बीमारी
3. प्राकृतिक आपदाओं से फसल का नुक़सान
4. पोस्ट-हार्वेस्ट यानी कटाई के बाद बारिश या अन्य नुकसान

 कहां से लें मदद?

1. PMFBY हेल्पलाइन: 1800-180-1551
2. CSC सेंटर या नजदीकी बैंक शाखा
3. वेबसाइट: pmfby.gov.in

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